Supreme Court
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रायपुर 11 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Supreme Court verdict on dearness allowance (DA) and dearness relief (DR) : Governments cannot discriminate between serving and pensioners / DA DR सुप्रीम कोर्ट फैसला , सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि सरकारें सेवारत कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच भेदभाव नहीं कर सकतीं।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महंगाई का असर दोनों पर समान रूप से पड़ता है, इसलिए भत्तों में अंतर करना गलत है।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने केरल सरकार और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की अपील को खारिज कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत उसी आधार पर मिलनी चाहिए, जिस तरह कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाता है।

फैसले में संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का हवाला देते हुए कहा गया कि समानता का मतलब है कि बिना उचित कारण के किसी के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता।

DA और DR दोनों का उद्देश्य महंगाई से राहत देना

कोर्ट ने यह भी कहा कि जब DA और DR का उद्देश्य महंगाई से राहत देना है, तो दोनों के लिए अलग-अलग दरें तय करना मनमाना और भेदभावपूर्ण है।

यह फैसला देशभर के लाखों पेंशनरों के लिए राहत भरा माना जा रहा है और भविष्य में राज्यों की नीतियों पर इसका असर पड़ सकता है।

महंगाई भत्ते/राहत में बढ़ोतरी का इंतजार

इधर, केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को जनवरी–जून अवधि के महंगाई भत्ते/राहत में बढ़ोतरी का इंतजार है।

मौजूदा 58% DA में 2–3% तक बढ़ोतरी संभव है, जिससे यह 60–61% तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस बार घोषणा में देरी देखी जा रही है।