रायपुर 11 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Salute to mother : Dehradun accident: Mother gathers evidence for two and a half years and finds dumper that crushed her son / देहरादून हादसा मां संघर्ष , देहरादून में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद उसकी मां ने हार नहीं मानी और खुद ही आरोपी वाहन तक पहुंच गई। पुलिस की ढिलाई के बीच यह मामला अब फिर से जांच में आ गया है।
घटना क्या है
देहरादून में 18 वर्षीय युवक क्षितिज की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। 16 फरवरी 2024 को प्रेमनगर क्षेत्र में डंपर ने उसे टक्कर मार दी।हादसे के बाद युवक करीब 45 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा।
मां का संघर्ष
मृतक की मां ललिता चौधरी ने बेटे को न्याय दिलाने के लिए खुद प्रयास शुरू किया। उन्होंने ङेढ साल तक लगातार 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
आखिरकार उन्होंने उस डंपर और उसके नंबर का पता लगा लिया।
पुलिस पर सवाल
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले में लापरवाही बरती। आरोपी डंपर की पहचान करने के बजाय केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। इससे नाराज और आहत होकर मां ने खुद सबूत जुटाए।
फिर से जांच के आदेश
मां द्वारा जुटाए गए सबूत एसएसपी को दिखाए गए। बेटे को न्याय के लिए मां ललिता ने जब अपने संघर्ष की यह कहानी एसएसपी प्रमेन्द्र ङोबाल को साक्ष्यों के साथ सुनाई, तो वह भी अवाक रह गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
मानवीय पहलू
इस घटना ने सड़क हादसों में मदद न मिलने की गंभीर और अमानवीय समस्या को भी उजागर किया है। घायल युवक को समय पर मदद नहीं मिली, जिससे उसकी जान चली गई।
यह मामला न केवल एक मां के हौसले और संघर्ष की मिसाल है, बल्कि पुलिस जांच की कार्यप्रणाली और सड़क हादसों में लोगों की संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े करता है।
