Share This Article रायपुर, 29 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / दिल्ली सरकार ने सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इस बार करीब तीन महीने पहले ही अपनी शीतकालीन प्रदूषण योजना जारी कर दी है। इसके तहत निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क दोगुना करने, कार्यालयों के समय में बदलाव, कर्मचारियों को घर से काम कराने और निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर रोक लगाने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। नए नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होकर 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे। शीतकालीन प्रदूषण योजना के तहत निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए दिल्ली में 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही सड़कों पर वाहनों का दबाव और यातायात जाम कम करने के लिए सरकारी तथा निजी कार्यालयों के कामकाज के समय में भी बदलाव किया जाएगा। योजना के तहत 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना के प्रावधानों के अंतर्गत दिल्ली की सीमा में आने वाले निजी और कॉरपोरेट कार्यालय अपने कुल कर्मचारियों में से अधिकतम 50 प्रतिशत को ही कार्यालय बुला सकेंगे। शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे। हालांकि, अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाओं, अग्निशमन, बिजली-पानी और आपदा प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े निजी संस्थानों को इन नियमों से छूट दी जाएगी। वाहनों के दबाव को कम करने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। दिल्ली नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।स्कूलों के संचालन को लेकर भी प्रदूषण की स्थिति के अनुसार आवश्यकता पडऩे पर अलग से दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। शीतकालीन अवधि में धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए धूल उड़ाने वाली निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य सड़कों और निर्माण स्थलों से उठने वाली धूल को वायु प्रदूषण का बड़ा स्रोत बनने से रोकना है।सरकार ने निजी वाहनों को सड़कों से कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो की सेवाओं को भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत मेट्रो नेटवर्क पर प्रति सप्ताह 40 से अधिक अतिरिक्त फेरे चलाए जाएंगे। व्यस्त समय में मेट्रो रेलगाडिय़ों की आवृत्ति बढ़ाई जाएगी, ताकि यात्रियों को स्टेशनों पर अधिक भीड़ का सामना न करना पड़े। सरकार को उम्मीद है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से लोग निजी वाहन घर पर छोड़कर मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे।दिल्ली परिवहन निगम और समूह बसों के बेड़े को भी दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने की योजना है। दिल्ली में अक्टूबर और नवंबर के दौरान वायु प्रदूषण की समस्या अक्सर गंभीर हो जाती है। पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के साथ औद्योगिक धुआं और स्थानीय स्तर पर उडऩे वाली धूल भी प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक कई बार बेहद खराब और गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाता है। दिल्ली सरकार ने पिछले वर्षों के अनुभवों, जिसमें सम-विषम वाहन व्यवस्था जैसे उपाय भी शामिल हैं, को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदूषण बढऩे के बाद कदम उठाने के बजाय पहले से ही कड़े उपाय लागू करने की तैयारी की है। सरकार का कहना है कि 1 नवंबर से लागू होने वाली शीतकालीन प्रदूषण योजना का उद्देश्य सर्दियों में प्रदूषण के स्तर में संभावित बढ़ोतरी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित करना और दिल्ली की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना है। Share This Article Post navigation ज्यूरिख से दिल्ली की उड़ान से पहले शराब के नशे में मिला एयर इंडिया पायलट, निलंबित Ambikapur-Delhi Train : दिल्ली अब दूर नहीं, अंबिकापुर से निजामुद्दीन ट्रेन अब सप्ताह में दो दिन, यात्रियों को बड़ी सौगात