रायपुर 5 नवंबर 2025/ ETrendingIndia / DGCA proposes amendments to ticket refund rules: Suggestions invited on draft, providing relief and transparency for passengers, curbing airline arbitrariness / डीजीसीए टिकट वापसी नियम , देश के विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हवाई यात्रा की टिकट वापसी और रद्दीकरण नियमों में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। इन बदलावों के लागू होने पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अब यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या संशोधित कर सकेंगे। यह सुविधा घरेलू उड़ानों के लिए तब लागू होगी जब टिकट उड़ान से कम से कम पाँच दिन पहले बुक की गई हो, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह अवधि 15 दिन होगी। डीजीसीए ने इसे “लुक-इन ऑप्शन” नाम दिया है।
साथ ही, टिकट रद्द होने पर एयरलाइनों को टैक्स और शुल्क की पूरी राशि यात्रियों को लौटानी होगी। एजेंट के माध्यम से बुक किए गए टिकटों के लिए भी वापसी की प्रक्रिया 21 कार्यदिवसों के भीतर पूरी करने का प्रावधान किया गया है।
डीजीसीए के इन प्रस्तावों का उद्देश्य हवाई यात्रियों को उन असुविधाओं से राहत देना है, जो अक्सर एयरलाइनों की मनमानी नीतियों के कारण झेलनी पड़ती हैं। भारत का विमानन बाजार अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के अनुसार, वर्ष 2024 में देश में लगभग 20 करोड़ यात्रियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भरीं। लेकिन यात्रियों की संख्या जितनी तेजी से बढ़ी है, एयरलाइनों की मनमानी वसूली भी उसी अनुपात में बढ़ी है।
वर्तमान में देश के हवाई यात्रा बाजार पर इंडिगो और एयर इंडिया का प्रभुत्व है। विकल्पों की कमी के कारण कंपनियां “डायनामिक फेयर” के नाम पर किरायों में मनमानी करती हैं। मांग और पूर्ति के इस एल्गोरिदम में अक्सर यात्रा एजेंट कृत्रिम रूप से मांग बढ़ाकर किराया महँगा करने की स्थिति भी पैदा कर देते हैं।
डीजीसीए के नए नियमों से न केवल टिकट वापसी प्रक्रिया आसान होगी बल्कि एयरलाइनों को अधिक जवाबदेह भी बनाना पड़ेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा बनाए रखने के लिए विलंबित या रद्द उड़ानों पर मुआवजा और सुविधाओं की निगरानी को भी सख्ती से लागू करना जरूरी है।
फिलहाल यह प्रस्ताव मसौदे के रूप में है, जिस पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। उम्मीद है कि डीजीसीए जल्द इन नियमों को अंतिम रूप देकर लागू करेगा, ताकि यात्रियों को निजी एयरलाइनों की मनमानी से वास्तविक राहत मिल सके और हवाई यात्रा को सचमुच “यात्री-केंद्रित” बनाया जा सके।
