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रायपुर, 19 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Didi e-rickshaw scheme: changed Bhuneshwari Sahu’s life, family gets respectable life / दीदी ई-रिक्शा योजना लाभ , दीदी ई रिक्शा सहायता योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है। इसका प्रेरक उदाहरण रायपुर के मोवा-सड़ू क्षेत्र की निवासी श्रीमती भुनेश्वरी साहू हैं, जिन्होंने इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार की राह अपनाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लायी है।

श्रीमती भुनेश्वरी साहू छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की पंजीकृत सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि रोजी-मजदूरी से मिलने वाली सीमित आय से परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना कठिन हो रहा था। ऐसे में वे स्वरोजगार के अवसर की तलाश में थीं।

श्रम विभाग से जानकारी मिलने पर उन्होंने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ई-रिक्शा क्रय किया।

वर्तमान में भुनेश्वरी स्वयं ई-रिक्शा चलाकर सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। इससे अब वे अपने बच्चों की शिक्षा एवं परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 से संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना, सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देना एवं पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।

योजना के तहत पात्र महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अनुदान प्रदान किया जाता है।

इच्छुक अभ्यर्थी योजना का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in या ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।