रायपुर,6 जून 2026/ ETrendingIndia / ETrendingIndia / “A big step towards farm mechanization: 10 villages receive seed drill machines, DSR technology to boost crop productivity”छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कृषि आधुनिकीकरण एवं विकास की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कुरूद विकासखंड के सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्था द्वारा धान की सीधी कतार बुवाई तकनीक (डीएसआर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 चयनित गांवों में कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए सीड ड्रिल मशीनों का वितरण किया गया।
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र चर्रा, कुरूद में आयोजित कार्यक्रम में कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली गांव के कृषकों को मशीनें उपलब्ध कराई गईं।
इस अवसर पर फाउंडेशन एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी कतार बुवाई (डीएसआर) तकनीक के लाभ, सीड ड्रिल मशीन के संचालन, रखरखाव तथा वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक अपनाने से बीज, श्रम और पानी की बचत होती है, वहीं फसल की लागत कम होने के साथ उत्पादन एवं लाभ में वृद्धि होती है। यह तकनीक जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देती है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को भी आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि मोनेश साहू, कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. ईश्वर सिंह, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा, सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
