रायपुर, 13 जून 2026/ ETrendingIndia / “Restrictions on diesel sales: Government bans bulk fuel purchase from petrol pumps, new limit implemented for trucks.” व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नए आदेश के तहत व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता अब खुदरा पेट्रोल पंपों से थोक मात्रा में ईंधन नहीं खरीद सकेंगे। उन्हें अपनी जरूरत का ईंधन केवल अधिकृत बल्क सेल्स प्वाइंट्स से ही खरीदना होगा।
सरकार का यह फैसला डीजल बिक्री पर प्रतिबंध और ईंधन आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। यह आदेश शुरुआती तौर पर 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर इसे पहले भी वापस लिया जा सकता है।
ट्रकों और बड़े ग्राहकों के लिए तय हुई नई सीमा
सरकारी आदेश के अनुसार, खुदरा पेट्रोल पंप संचालकों को किसी भी ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही बेचने की अनुमति होगी। इसके अलावा खरीदा गया डीजल दोबारा बेचने पर भी रोक रहेगी।
इस फैसले का सबसे अधिक असर ट्रांसपोर्ट कंपनियों और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। अब तक कई कंपनियां खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रही थीं, जिससे कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति संबंधी दबाव पैदा हो रहा था।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के अनुसार, ईंधन की जमाखोरी, डायवर्जन और स्थानीय स्तर पर होने वाली कमी को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। इसके अलावा वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को भी इस फैसले का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। परिणामस्वरूप सरकार देशभर में पेट्रोल और डीजल की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहती है।
खुदरा और थोक कीमतों में बड़ा अंतर
दिल्ली में खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत लगभग 95.20 रुपये प्रति लीटर बताई गई है। वहीं बल्क सप्लाई प्वाइंट्स पर इसकी कीमत करीब 134.50 रुपये प्रति लीटर है।
यही कारण है कि कई व्यावसायिक उपभोक्ता कम कीमत का लाभ लेने के लिए खुदरा पंपों से बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे थे। हालांकि अब डीजल बिक्री पर प्रतिबंध से इस व्यवस्था में बदलाव आएगा और ईंधन वितरण पर अधिक नियंत्रण संभव होगा।
देशभर में ईंधन आपूर्ति बनाए रखने पर फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की निष्पक्ष उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही यह कदम जमाखोरी रोकने, आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर रखने और आम उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
