Electric Vehicle Sales: Petrol and diesel prices accelerate EV momentum...! Projected sales of 5 lakh units over two years... Investment of ₹24,000 crore... 35 new models set to hit the market.
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नई दिल्ली, 13 जून/ Electric Vehicle Sales: Petrol and diesel prices accelerate EV momentum…! Projected sales of 5 lakh units over two years… Investment of ₹24,000 crore… 35 new models set to hit the market.

Electric Vehicle Sales : भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार अब निर्णायक बढ़त की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। क्रिसिल रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो वर्षों में देश में इलेक्ट्रिक कारों की सालाना बिक्री दोगुनी होकर 5 लाख यूनिट से अधिक पहुंच सकती है।

मार्च से मई के बीच बिक्री में 40% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक मार्च से मई 2026 के बीच इलेक्ट्रिक कारों की औसत मासिक बिक्री 40 प्रतिशत बढ़कर 26 हजार यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसी अवधि में बाजार हिस्सेदारी भी 4.6 प्रतिशत से बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो गई।

क्रिसिल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी कुल कार बाजार में 8 से 10 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह महंगे होते पारंपरिक ईंधन, नए मॉडल, बेहतर बैटरी तकनीक और बढ़ती ड्राइविंग रेंज मानी जा रही है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय ऑटो कंपनियां अगले दो वर्षों में करीब 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं। इसमें से 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की नई तकनीक और मॉडल विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे।

15 लाख रुपये से कम कीमत वाले नए मॉडल

वर्तमान में भारतीय बाजार में करीब 20 इलेक्ट्रिक कार मॉडल उपलब्ध हैं। 2027-28 तक यह संख्या बढ़कर 35 से अधिक हो सकती है। खास बात यह है कि कंपनियां 15 लाख रुपये से कम कीमत वाले मॉडल लॉन्च करने पर फोकस कर रही हैं, जिससे आम ग्राहकों की पहुंच बढ़ेगी।

हालांकि चुनौती अभी भी मौजूद है। भारतीय ग्राहक एक बार चार्ज करने पर 500 से 700 किलोमीटर तक की रेंज चाहते हैं, जबकि वर्तमान में अधिकांश मिड-रेंज इलेक्ट्रिक कारें 300 से 450 किलोमीटर तक ही चल पाती हैं। इसके बावजूद बैटरी वारंटी और नई तकनीकों के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 से लागू होने वाले सख्त ईंधन दक्षता नियम भी इलेक्ट्रिक कारों की मांग को नई गति देंगे और आने वाले वर्षों में भारत का ऑटो बाजार तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ेगा।