Donald Trump Iran DealDonald Trump Iran Deal
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तेहरान/वॉशिंगटन, 7 नवंबर 2026। Donald Trump Iran Deal : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को नए प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा है। प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और संवर्धित यूरेनियम को हटाने के बदले देश के पुनर्निर्माण में 25 वर्षों तक सहयोग का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने अपनी सात शर्तों को पूरा किए बिना किसी समझौते पर आगे बढ़ने से इनकार किया है।

परमाणु कार्यक्रम छोड़ने पर अमेरिका का प्रस्ताव

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में परमाणु कार्यक्रम सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। प्रस्ताव के तहत ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने और संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने के बदले आर्थिक पुनर्निर्माण में दीर्घकालिक सहयोग का भरोसा दिया गया है। हालांकि, प्रस्ताव की सभी शर्तों और उसके क्रियान्वयन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सात शर्तों पर अड़ा ईरान

ईरान ने अमेरिका के सामने सात प्रमुख शर्तें रखी हैं। इनमें आर्थिक प्रतिबंध हटाना, विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देना और क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई समाप्त करना शामिल है। तेहरान का कहना है कि इन मांगों पर सहमति बनने के बाद ही व्यापक बातचीत आगे बढ़ सकती है। ईरान ने कतर के माध्यम से अपना परमाणु प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया है।

अमेरिका की सुरक्षा चिंताएं और परमाणु कार्यक्रम पर दबाव

अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। वाशिंगटन चाहता है कि परमाणु गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी हो और संवर्धित यूरेनियम के भंडार को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए। वहीं ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और राष्ट्रीय संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर अपनी शर्तें बनाए रखना चाहता है।

मध्यावधि चुनाव के बाद ट्रंप पर बढ़ा राजनीतिक दबाव

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान के बाद ईरान के साथ युद्ध और कूटनीतिक नीति को लेकर ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा है। युद्ध की लागत, महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर अमेरिकी मतदाताओं में असंतोष भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के सामने सैन्य कार्रवाई जारी रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के बीच फैसला लेने की चुनौती है।

समझौते की राह में अभी कई चुनौतियां

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दोनों पक्षों के बीच प्रतिबंध, परमाणु कार्यक्रम, संवर्धित यूरेनियम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। फिलहाल ईरान ने अपनी शर्तों पर जोर दिया है, जबकि अमेरिका परमाणु कार्यक्रम को बातचीत का प्रमुख हिस्सा बनाए रखना चाहता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच समझौता होगा या तनाव फिर बढ़ेगा, यह आने वाले दिनों की कूटनीतिक बातचीत पर निर्भर करेगा।


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