Dronathon-2026Dronathon-2026
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रायपुर, 15 सितंबर। ETrendingIndia / भारतीय वायु सेना ने सोमवार को पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पहले ‘ड्रोनाथॉन-2026’ का शुभारंभ किया। 14 से 16 सितंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में 20 से अधिक रक्षा कंपनियां, स्टार्ट-अप, MSME, रक्षा PSU और नवोन्मेषक अपनी मानवरहित हवाई प्रणालियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

खास बात यह है कि इन तकनीकों को केवल प्रदर्शित नहीं किया जा रहा, बल्कि वास्तविक युद्ध जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी क्षमता और विश्वसनीयता परखी जा रही है।

निगरानी से स्वार्म टेक्नोलॉजी तक

ड्रोनाथॉन में निगरानी और टोही, स्वायत्त संचालन, स्वार्म टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और काउंटर-यूएएस (CUAS) जैसी आधुनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।

जारी हुआ IAF का ड्रोन रोडमैप

वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने इस मौके पर ‘भारतीय वायु सेना मानवरहित वायु प्रणालियों का रोडमैप’ जारी किया।

इसका उद्देश्य रक्षा उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान संगठनों को भविष्य की वायु सेना की जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने की दिशा देना है।

‘वायु उत्तम’ ने दिखाई खास क्षमता

ड्रोनाथॉन के पहले दिन स्वदेशी ‘वायु उत्तम’ मानवरहित एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट (UTM) सिस्टम का वास्तविक समय में प्रदर्शन किया गया। यह सैन्य और नागरिक दोनों तरह के ड्रोन का पता लगाने और उनकी निगरानी करने में सक्षम है।

इससे अनधिकृत या खतरनाक ड्रोन की पहचान और हवाई क्षेत्र के सुरक्षित प्रबंधन में मदद मिलेगी।

आत्मनिर्भर रक्षा के लिए पूरा इकोसिस्टम

IAF का फोकस सिर्फ ड्रोन बनाने तक सीमित नहीं है। इसमें प्रोपल्शन, सेंसर-पेलोड, संचार, स्वायत्तता, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, काउंटर-ड्रोन तकनीक और एयरस्पेस मैनेजमेंट जैसी पूरी तकनीकी श्रृंखला विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

ड्रोनाथॉन-2026 भारत की स्वदेशी मानवरहित युद्ध क्षमता को वास्तविक परिस्थितियों में परखने और भविष्य की रक्षा जरूरतों के लिए उद्योग को तैयार करने की दिशा में अहम कदम है।


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