रायपुर, 27 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर बहस के बीच E20 जनता पार्टी नाम से एक नया नागरिक अभियान शुरू हुआ है। यह समूह खुद को स्वतंत्र नागरिकों का मंच बताता है। इसका कहना है कि उसका उद्देश्य उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता बढ़ाना और E20 नीति के प्रभाव पर खुली सार्वजनिक चर्चा को बढ़ावा देना है।
उपभोक्ताओं के लिए उठाईं कई मांगें
E20 जनता पार्टी का कहना है कि वाहन मालिकों को अपनी आवश्यकता के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। साथ ही, विभिन्न ईंधन मिश्रणों की कीमत और गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराई जाए। समूह का दावा है कि कई वाहन मालिक E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद माइलेज और वाहन प्रदर्शन को लेकर चिंता जता रहे हैं।
सोशल मीडिया से मिली तेजी
यह अभियान 25 जुलाई से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सक्रिय हुआ। इसके बाद इसे तेजी से समर्थन मिलने लगा। कुछ ही दिनों में हजारों लोग इस अभियान से जुड़े। इसके अलावा, संगठन ने इंस्टाग्राम पर भी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हासिल किए। अब यह समूह संसद के बाहर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।
ईंधन नीति पर बहस तेज
E20 जनता पार्टी के अभियान के बाद एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति पर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। अंत में, विशेषज्ञों का मानना है कि इस विषय पर उपभोक्ताओं, उद्योग और सरकार के बीच संतुलित संवाद आवश्यक है, ताकि ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ता हित दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
