Share This Article रायपुर, 06 नवम्बर 2026/ ETrendingIndia / यूरोप के हवाई क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कई वाणिज्यिक विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों के विमानन अधिकारियों ने कई उड़ानों के मार्ग बदल दिए। कुछ विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों पर उतारा गया, जबकि बुल्गारिया में तीन विमानों की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। घटना के बाद यूरोपीय देशों की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। धमकियों के स्रोत का पता लगाने के लिए व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन धमकियों का सबसे अधिक असर इटली, बेल्जियम और बुल्गारिया जाने वाली उड़ानों पर पड़ा। इससे पहले मंगलवार को भी कम से कम सात विमानों और एक क्रूज जहाज को बम से उड़ाने की धमकियां मिली थीं। इसके चलते यूरोप के कई हवाई अड्डों पर विमान परिचालन प्रभावित हुआ था। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी विमान या जहाज से विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी। डबलिन से रोम जा रही आयरलैंड की विमानन कंपनी एर लिंगस की उड़ान संख्या ईआई402 को सुरक्षा कारणों से पेरिस से करीब 100 किलोमीटर पश्चिम में स्थित एवरेक्स हवाई अड्डे पर उतारा गया। इसी तरह बेल्जियम की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पोलैंड की विमानन कंपनी एलओटी के एक विमान को ब्रसेल्स के जावेंटेम हवाई अड्डे पर उतारा गया। हेलसिंकी से रोम जा रही फिनएयर की एक उड़ान को इटली की वायुसेना ने सुरक्षा घेरे में लेकर मार्गदर्शन दिया। विमान को निर्धारित गंतव्य रोम में सुरक्षित उतारा गया। एर लिंगस ने भी पुष्टि की कि सुरक्षा संबंधी सावधानी के तहत मार्ग बदलने के निर्देश के बाद उसका विमान सुरक्षित उतर गया। इसके बाद यात्रियों को उतारकर विमानों की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। बुल्गारिया के अधिकारियों ने बताया कि बम की धमकियां मिलने के बाद तीन विमानों को आपात स्थिति में उतारना पड़ा। देश के गृह मंत्री के अनुसार, कोपेनहेगन और मैड्रिड से आने वाली उड़ानों को सोफिया हवाई अड्डे पर उतारा गया, जबकि लंदन से रवाना हुआ तीसरा विमान प्लोवदिव में उतारा गया। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। धमकियों के पीछे के स्रोत का पता लगाने के लिए यूरोप के विभिन्न देशों की खुफिया और साइबर सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय से काम कर रही हैं। शुरुआती जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धमकी भरे संदेश ईमेल, सामाजिक माध्यमों या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से भेजे गए थे। इसके लिए संदेशों के इंटरनेट प्रोटोकॉल पते और उनके मूल स्थान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने अभी तक किसी देश या संगठन को इन धमकियों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी विचार कर रही हैं कि ये घटनाएं सुनियोजित शरारत या दहशत फैलाने की कोशिश हो सकती हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में यूरोपीय अधिकारियों ने रूस और ईरान पर विभिन्न प्रकार के अप्रत्यक्ष और बहुआयामी साइबर हमलों में संलिप्त होने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, विमानन क्षेत्र को मिली इन ताजा धमकियों के साथ किसी देश का संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। फिलहाल यूरोप के हवाई अड्डों और विमानन सेवाओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। Share This Article Post navigation अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के 30 उम्मीदवारों की जीत, नित्या रमन भी आगे पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई, ड्रोन से घरों पर बरसाईं गोलियां; 18 लोग घायल