Harish Rawat Resignation: Harish Rawat's major decision following ED raids...! He has resigned from his Congress party posts, stating, "I will not allow the party's reputation to be called into question."Harish Rawat Resignation
Share This Article

देहरादून, 12 सितंबर 2026/ Harish Rawat Resignation : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उनके पुराने सहयोगी और PA चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ED की छापेमारी के एक दिन बाद सामने आया। रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे संघर्ष और पार्टी की साख पर कोई सवाल उठे।

ED की कार्रवाई के बाद लिया फैसला

दरअसल, ED ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देहरादून समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी। इनमें चंदन सिंह जीना का ठिकाना भी शामिल था।

ED के मुताबिक, तलाशी के दौरान कथित तौर पर 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां मिलीं। एजेंसी ने जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में मौजूद करीब 52.16 लाख रुपये भी फ्रीज किए हैं। चंदन सिंह जीना पहले हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD रह चुके हैं और वर्तमान में उनके PA के तौर पर काम कर रहे हैं।

बरामदगी के दावों पर क्या बोले रावत?

हरीश रावत ने कहा कि उनके सहयोगी के घर से नकदी और जेवर बरामद होने के जो दावे सामने आ रहे हैं, उनका वास्तविक सच जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने चंदन सिंह जीना को अपना पुराना सहयोगी बताते हुए कहा कि यदि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े आरोप साबित होते हैं तो यह उनके लिए शर्मिंदगी की बात होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इन आरोपों पर विश्वास नहीं है।

रावत ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने और नया राजनीतिक नैरेटिव बनाने के लिए उनके बजाय उनके सहयोगी के ठिकाने पर कार्रवाई की गई।

प्रदेश कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति से अलग

रावत ने कहा कि पार्टी की साख और भ्रष्टाचार के खिलाफ उसके संघर्ष पर उनकी वजह से कोई सवाल न उठे, इसलिए उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति दोनों पदों से अलग होने का फैसला किया है।

भर्ती में गड़बड़ी पर भी दी सफाई

अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए रावत ने कहा कि उस दौरान करीब 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां निकाली गई थीं। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों की प्रक्रिया में अगर अनजाने में भी कोई चूक हुई है तो वह इसके लिए राज्य के लोगों से माफी मांगते हैं। भर्ती आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उन्होंने कहा कि शिकायत सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी को हटा दिया गया था। रावत के मुताबिक यह नियुक्ति पुराने सेवा रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर की गई थी।

2016 की परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच

ED की कार्रवाई 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। एजेंसी ने तत्कालीन UKSSSC चेयरमैन, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, OMR शीट की प्रोसेसिंग करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कुछ बिचौलियों से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली।

ED का दावा है कि परीक्षा की OMR शीट में कथित तौर पर बदलाव किए गए और कुछ शीट की जानकारी निजी लोगों तक पहुंचाई गई। इसके बाद उत्तर वाले हिस्से में बदलाव किए जाने का आरोप है। एजेंसी इस मामले में कथित नकद लेनदेन की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान चंदन सिंह जीना का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। एजेंसी इसकी फोरेंसिक जांच करेगी।

रावत बोले- प्रमाण हैं तो जांच एजेंसियों को दें

हरीश रावत ने कहा कि यदि नियुक्तियों में उनके दखल से जुड़ा कोई प्रमाण किसी के पास है तो उसे सीधे CBI, ED या पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जाने-अनजाने में उनसे ऐसी कोई चूक हुई है जिससे युवाओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ा हो तो वह इसके लिए माफी मांगने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई गलती साबित होती है तो कानून जो भी सजा देगा, वह उसे भुगतने के लिए तैयार हैं।


Share This Article