रायपुर , 10 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Uttarakhand becomes the country’s sixth fully literate state; CM Dhami says—Historical achievement toward a developed India. ULLAS कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड ने हासिल की बड़ी सफलता
उत्तराखंड पूर्ण साक्षर राज्य बनने के साथ देश का छठा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने पूर्ण साक्षरता का दर्जा हासिल किया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ULLAS (Understanding Lifelong Learning for All in Society) कार्यक्रम के तहत मिली है। राज्य ने वयस्क साक्षरता के सभी निर्धारित मानकों को पूरा किया। इसलिए शिक्षा मंत्रालय ने इसे पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में मान्यता दी।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद मिली आधिकारिक मान्यता
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी आवश्यक मानकों की समीक्षा की। इसके बाद प्रस्ताव राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह को भेजा गया। उन्होंने इसे मंजूरी दे दी। परिणामस्वरूप उत्तराखंड पूर्ण साक्षर राज्य बनने की आधिकारिक घोषणा की गई। इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम यह उपलब्धि प्राप्त कर चुके हैं।
सीएम धामी बोले- विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षा क्षेत्र की सफलता नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से यह लक्ष्य पूरा हुआ। इसके अलावा उन्होंने सभी लोगों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत होगी उत्तराखंड की पहचान
उत्तराखंड पूर्ण साक्षर राज्य बनने से शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की पहचान और मजबूत होगी। साथ ही वयस्क शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। अंत में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इसी तरह देश में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
