Target 2030
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रायपुर, 28 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / भारत सरकार वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के तहत देशभर में हेपेटाइटिस बी और सी की मुफ्त जांच, दवा और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही टीकाकरण, जागरूकता और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

क्या है हेपेटाइटिस ?

हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन है, जो वायरस, संक्रमण, शराब, जहरीले पदार्थों या ऑटोइम्यून बीमारियों के कारण हो सकती है। हेपेटाइटिस बी और सी सबसे गंभीर माने जाते हैं, जो सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा

वर्ष 2018 से देशभर में सरकारी अस्पतालों के माध्यम से हेपेटाइटिस बी और सी की मुफ्त जांच, दवाएं और उपचार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब इन सेवाओं का विस्तार जिला अस्पतालों से लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जा रहा है।

टीकाकरण सबसे बड़ा बचाव

हेपेटाइटिस-बी से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर पहला टीका देने और नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है।

जागरूकता और रोकथाम पर फोकस

स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षित इंजेक्शन, संक्रमित रक्त से बचाव और समय पर जांच को संक्रमण रोकने का सबसे प्रभावी उपाय बताया गया है।

हेपेटाइटिस-सी के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं है, लेकिन आधुनिक दवाओं से अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ा अभियान

हेपेटाइटिस नियंत्रण अभियान को टीकाकरण, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे मरीजों तक जांच और उपचार आसानी से पहुंच सके।

टोल-फ्री हेल्पलाइन

हेपेटाइटिस से जुड़ी जानकारी, जांच, उपचार और नजदीकी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी के लिए 1800-11-6666 टोल-फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध है।