Share This Article रायपुर, 11 सितंबर 2026। ICAR NIBSM Raipur : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि अनुसंधान, जैविक तनाव प्रबंधन और किसानोन्मुख तकनीकों के विकास में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलती कृषि परिस्थितियों में किसानों के सामने उभर रही चुनौतियों का समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के विकास से ही संभव है। रायपुर पहुंचने पर कृषि मंत्री का स्वागत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान ICAR-NIBSM के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर संस्थान में चल रहे अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों और प्रमुख पहलों की जानकारी दी। फसलों को जैविक तनाव से बचाने पर रिसर्च डॉ. पी.के. राय ने बताया कि ICAR-NIBSM फसलों में कीट एवं रोगों सहित विभिन्न जैविक तनावों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अनुसंधान और तकनीकी प्रयास कर रहा है। संस्थान का फोकस ऐसी सतत और किसानोन्मुख तकनीकों के विकास पर है, जिनसे फसल उत्पादकता बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने राज्य के कृषि विभाग के साथ समन्वय से कृषि अनुसंधान और तकनीकी हस्तांतरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। ICAR-NIBSM के अनुसंधान कार्यों की सराहना शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित ICAR-NIBSM भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रमुख संस्थानों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने संस्थान के अनुसंधान, नवाचार और किसान-केंद्रित पहलों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने निकट भविष्य में संस्थान का दौरा कर वहां चल रहे अनुसंधान कार्यों और तकनीकी पहलों को प्रत्यक्ष रूप से देखने की इच्छा भी जताई। किसानों की आय बढ़ाने में नई तकनीक जरूरी केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में फसलों को विभिन्न जैविक तनावों से बचाना, उत्पादकता बनाए रखना और किसानों की आय बढ़ाना बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और नई तकनीकों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कृषि क्षेत्र की इन चुनौतियों से निपटने में ICAR-NIBSM द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। यह मुलाकात केंद्र और राज्य सरकारों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच कृषि अनुसंधान, फसल तनाव प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए समन्वित प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। Share This Article Post navigation Road Accident : छत्तीसगढ़ से तीज मनाने निकले परिवारों पर टूटा कहर, भंडारा में बोलेरो-ट्रक की भिड़ंत, 9 की मौत Lift Accident : नवा रायपुर के इंद्रावती भवन में बड़ा हादसा टला, बीच में अटकी लिफ्ट में 7-8 अधिकारी-कर्मचारी फंसे, आधे घंटे तक मची अफरा-तफरी