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रायपुर, 17 सितंबर 2026। ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ की इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त अध्यापकों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के पेंशन तथा ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि लगभग 35 पेंशन प्रकरणों में औपचारिक स्वीकृति और ‘पेंशन पे-ऑर्डर’ (PPO) जारी होने के बावजूद पिछले 30 दिनों से अंतिम भुगतान रुका हुआ है।

PPO और फंड की उपलब्धता के बाद भी देरी

संघ के अनुसार, दो वर्षों से अधिक समय तक लंबित रहे इन पेंशन प्रकरणों का विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया गया। इसके पश्चात संयुक्त संचालक (ऑडिट) के परीक्षण और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से लगभग 35 PPO जारी किए गए थे।

संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा 7 सितंबर को यह लिखित आश्वासन दिया गया था कि बैंक खाते में राशि प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। 9 सितंबर को आवश्यक निधि विश्वविद्यालय के खाते में उपलब्ध हो जाने के बावजूद अब तक पेंशन और ग्रेच्युटी का वितरण प्रारंभ नहीं हो सका है।

प्रक्रियात्मक पारदर्शिता पर उठे सवाल

सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई मामला विभागीय स्तर, जांच समितियों, ऑडि‍ट परीक्षण और शीर्ष अनुमोदन की लंबी प्रक्रिया से गुजरकर PPO में बदल जाता है, तो उसके बाद रोके जाने का क्या औचित्य है?

संघ ने मांग की है कि:

यदि किसी फाइल पर कोई वैध आपत्ति है, तो उसे संबंधित पेंशनभोगी को लिखित रूप में सूचित किया जाए।

शासकीय निर्देशों की अवहेलना का आरोप

संघ ने ध्यान दिलाया कि राज्य शासन के मुख्य सचिव एवं वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर (वर्ष 2007, 2012, 2018 और 2021) जारी स्पष्ट निर्देशों में कहा गया है कि पेंशन प्रकरणों का त्वरित निवारण कर सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही PPO जारी किए जाएं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी शासन के दिशा-निर्देशों के प्रतिकूल प्रतीत होती है।

अगले सप्ताह से पुनः आंदोलन की चेतावनी

पूर्व में 24 दिनों तक किए गए लोकतांत्रिक आंदोलन का उल्लेख करते हुए संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि स्वीकृत PPO के आधार पर शीघ्र भुगतान प्रारंभ नहीं किया गया, तो अगले सप्ताह से पुनः धरना-प्रदर्शन और कार्यालय घेराव सहित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


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