Share This Article रायपुर, 18 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / भारत में अफगानिस्तान के प्रभारी राजदूत नूर अहमद नूर ने कहा है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच मजबूत राजनीतिक भरोसा, आर्थिक साझेदारी और लगातार संपर्क से दोनों देशों को फायदा होगा। इससे क्षेत्रीय स्थिरता, संपर्क और साझा समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। राजनीतिक भरोसा और आर्थिक साझेदारी पर जोर नूर ने दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में आयोजित ‘विक्ट्री डे’ कार्यक्रम में कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति संतुलित जुड़ाव और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देने पर आधारित है। इसमें भारत के साथ मजबूत आर्थिक संबंधों को विशेष महत्व दिया गया है। बढ़े राजनयिक और उच्चस्तरीय संपर्क उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनयिक संपर्क बढ़े हैं। दूतावास और वाणिज्य दूतावास अधिक सक्रिय हुए हैं तथा दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने एक-दूसरे की राजधानियों का दौरा किया है। क्षेत्रीय शांति और समृद्धि की उम्मीद नूर के मुताबिक राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच रचनात्मक समझ विकसित हुई है। उन्होंने भारत से अफगानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय अधिकारों के सम्मान और रक्षा के लिए समर्थन भी मांगा। सदियों पुराने रिश्तों का जिक्र नूर ने भारत-अफगानिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुए कहा कि काबुल, हेरात और कंधार जैसे अफगान शहरों में भारतीय व्यापारी पहुंचे, जबकि दिल्ली और लाहौर को अफगान विद्वानों, कवियों और सूफियों के प्रभाव से लाभ मिला। उन्होंने इस साझा विरासत को बेहतर भविष्य की प्रेरणा बताया। गौरतलब है कि भारत ने अभी तक अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है। कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय के पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान संभाग के संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश भी मौजूद रहे। Share This Article Post navigation चक्रधरपुर रेलवे मंडल – पाँचवीं लाइन का कमीशनिंग : अनेक गाड़ियां सितम्बर- अक्टूबर माह में प्रभावित होगी, जानिए ट्रेन ,दिनांक और परिवर्तन की जानकारी… दक्षिण सूडान में भारत का गौरव बढ़ा… 210 शांति सैनिक सम्मानित