Share This Article रायपुर, 21सितंबर 2026 / ETrendingIndia / केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत को 2028-29 तक दुनिया का नंबर-1 रेशम उत्पादक देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि देश में रेशम उत्पादन 2014 के 26 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर करीब 42 हजार मीट्रिक टन हो गया है। सरकार का लक्ष्य 2030-31 तक इसे 60 हजार मीट्रिक टन तक पहुंचाना है। किसानों की आय बढ़ाने पर जोर मंत्री ने कहा कि शहतूत की पत्तियों का उत्पादन बढ़ाने और रेशमकीट पालन के अधिक चक्र अपनाने से किसानों की सालाना आय 10 से 12 लाख रुपये तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ‘सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान’ पुरस्कार रेशम किसानों में प्रतिस्पर्धा और बेहतर उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान’ पुरस्कार प्रतियोगिताएं आयोजित करने का आह्वान किया गया। AI और आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा उत्पादन रेशम उत्पादन में उच्च उपज वाली संकर प्रजातियों, आधुनिक मशीनों, AI, GIS और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उत्पादन के साथ गुणवत्ता में भी सुधार करना है।कर्नाटक देश में सबसे आगेकेंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि कर्नाटक देश के कुल रेशम उत्पादन में अग्रणी है। सरकार स्थानीय उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने, एमएसएमई को सहयोग देने और रेशम क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने पर जोर दे रही है। चीन का उत्पादन घटने से भारत को अवसर गिरिराज सिंह ने कहा कि चीन का रेशम उत्पादन घट रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है। सरकार रेशम उत्पादन से लेकर कताई और बुनाई तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर काम कर रही है। कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस के साथ रेशम उत्पादों व तकनीकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू हुए, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र दिए गए और उत्कृष्ट कर्मचारियों व हितधारकों को सम्मानित किया गया। Share This Article Post navigation FTA का असर दिखा : भारत के निर्यात को मिली तेज रफ्तार… सिंगापुर-श्रीलंका में दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी