Share This Article रायपुर, 05 सितंबर/ ETrendingIndia / इंदौर में लोक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को 2,850 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इंदौर मेट्रो के नए चरण का शुभारंभ किया। सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से शहर में आवागमन आसान होगा और उद्योग, व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है। 17 किमी कॉरिडोर, 16 स्टेशन नए चरण के तहत इंदौर मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और 16 स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इसे शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक मेट्रो से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन मिलेगा। इंदौर से उज्जैन और पीथमपुर तक विस्तार की तैयारी मेट्रो को आगे पीथमपुर, महू, देवास, उज्जैन और मक्सी तक ले जाने की दीर्घकालिक योजना है। इससे इंदौर और आसपास के शहरों को एक बड़े महानगरीय क्षेत्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना भी बनेगी गेमचेंजर मुख्यमंत्री ने 18,500 करोड़ रुपये की इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। परियोजना पूरी होने पर इंदौर का महाराष्ट्र और मुंबई से सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा। शहर की खूबसूरती के लिए भूमिगत मेट्रो नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इंदौर के प्रमुख और सुंदर हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत करने की योजना है। खासकर एमजी रोड जैसे क्षेत्रों में शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए भूमिगत मेट्रो पर जोर दिया जा रहा है। मेट्रो से विकास को मिलेगी नई गति सरकार का कहना है कि मेट्रो सिर्फ यातायात का साधन नहीं, बल्कि इंदौर के उद्योग, व्यापार, पर्यटन, रोजगार और शहरी विकास को गति देने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। अगले 10 से 15 वर्षों में मेट्रो नेटवर्क के लगातार विस्तार की योजना है। Share This Article Post navigation Javelin Missile : भारत को मिलेगा अमेरिका का ‘जैवलिन’…! टैंक तबाह करने वाली मिसाइल की क्या है खासियत?