रायपुर 17 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / ETrendingIndia / Nearly 9,000 Indian citizens stranded in Iran, Foreign Ministry says will do anything for loved ones / ईरान में फंसे भारतीय , ईरान में जारी राजनीतिक और सुरक्षा हालात को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ताजा बयान में कहा कि ईरान में जो कुछ भी घटित हो रहा है, उस पर भारत लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 9,000 भारतीय नागरिक ईरान में मौजूद हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या छात्रों की है।
विदेश मंत्रालय ने ईरान की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब तक तीन एडवाइजरी जारी की हैं। इनमें भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है। वहीं, ईरान में रह रहे भारतीयों से कहा गया है कि वे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश छोडऩे के विकल्पों पर विचार करें। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों की हर संभव मदद की जाएगी।
केरल सरकार की पहल, नोरका रूट्स ने सक्रिय की विशेष हेल्पडेस्क
ईरान में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और क्षेत्रीय तनाव की आशंका के बीच केरल सरकार भी अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर नोरका रूट्स ने ईरान में रह रहे केरलवासियों के लिए विशेष सहायता डेस्क शुरू की है।
नोरका ने बताया कि जरूरतमंद केरलवासी टोल-फ्री नंबर या इंटरनेशनल मिस्ड कॉल सुविधा के जरिए नोरका ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय दूतावास से संपर्क रखने की सलाह
विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। आपात स्थिति में नागरिक हेल्पलाइन नंबरों या ईमेल के माध्यम से दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही रेजिडेंट वीजा पर ईरान में रह रहे भारतीयों से दूतावास में पंजीकरण कराने का भी आग्रह किया गया है।
ईरान में प्रदर्शन कुछ कम, लेकिन तनाव बरकरार
इस बीच ईरान में हालात कुछ हद तक शांत होते दिखाई दे रहे हैं। इस्लामिक सत्ता को चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन गुरुवार को अपेक्षाकृत कमजोर पड़े। हालांकि, कार्यकर्ताओं का दावा है कि हालिया दमनात्मक कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,615 लोगों की मौत हो चुकी है। एक सप्ताह पहले अधिकारियों ने देश को बाहरी दुनिया से काफी हद तक अलग-थलग कर दिया था।
प्रदर्शनकारियों की मौतों के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई की आशंका अभी भी बनी हुई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया बयानों में तनाव कम होने के संकेत दिए हैं।
ईरान पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
वहीं, अमेरिका ने ईरान के उन अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिन पर पिछले महीने अर्थव्यवस्था और मुद्रा के पतन के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को कुचलने का आरोप है। इसके अलावा जी-7 देशों और यूरोपीय संघ ने भी ईरान की इस्लामिक सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों पर विचार करने की बात कही है।
इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के अनुरोध पर ईरान की स्थिति को लेकर आपात बैठक भी बुलाई है।
