Share This Article रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन , छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 (संशोधित 2021) के प्रभावी अनुपालन और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन आज नवा रायपुर में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण तथा योजना मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का उचित प्रबंधन केवल स्वास्थ्य संस्थानों की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है, इसलिए नियमों का कड़ाई से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की कि वे नियमों को स्पष्ट रूप से समझकर उनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है ताकि सभी संस्थान नियमों को बेहतर समझ सकें, अपनी समस्याएं निसंकोच साझा कर सकें और समाधान पर सामूहिक रूप से कार्य किया जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी संवाद, सहभागिता और सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव एवं मण्डल के अध्यक्ष श्री अंकित आनंद ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट के कुशल प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक नियमों को सही रूप में नहीं समझा जाएगा, उनका प्रभावी कार्यान्वयन संभव नहीं है। मण्डल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनि ,केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री अनुप चतुर्वेदी तथा श्री यादवेन्द्र यादव, अधिवक्ता (सीपीसीबी, भोपाल) ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यशाला में प्रमुख अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर्स, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सिंग होम एसोसिएशन, चिकित्सा प्रकोष्ठ तथा विभिन्न स्थानीय निकायों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर आधारित एक मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। Share This Article Post navigation सिम्स के विशेषज्ञों ने विश्व पुनर्जीवन सम्मेलन–2025 में रखा शोध — प्री-इक्लेम्पसिया, इक्लेम्पसिया और माइक्रोबायोटा पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा कवर्धा में मुख्यमंत्री 12 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे