Share This Article रायपुर 4 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / 2026 का पहला सुपरमून, वुल्फ मून ने मोहा मन जनवरी सुपरमून वुल्फ मून ने 3 जनवरी की रात आसमान को खास बना दिया। भुवनेश्वर, कोलकाता, लखनऊ और अन्य शहरों में लोगों ने यह नज़ारा देखा। इसके अलावा, चमकते चांद के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। क्यों ज्यादा चमकीला दिखा वुल्फ मून जनवरी सुपरमून वुल्फ मून उस समय दिखाई देता है, जब पूर्णिमा पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है। इस कारण चांद सामान्य से ज्यादा बड़ा और चमकीला नजर आता है। खगोलविदों के अनुसार, यह चांद पृथ्वी से लगभग 3 लाख 62 हजार किलोमीटर की दूरी पर था। ‘ट्रिपल बूस्ट’ ने बढ़ाई चांद की चमक विशेषज्ञों ने बताया कि जनवरी के सुपरमून को “ट्रिपल बूस्ट” मिलता है। इस समय पृथ्वी सूर्य के भी करीब होती है। इसलिए, सूर्य का अधिक प्रकाश चंद्रमा से परावर्तित होता है। परिणामस्वरूप, चांद लगभग 30 प्रतिशत ज्यादा चमकीला दिखाई देता है। वुल्फ मून नाम की दिलचस्प कहानी वुल्फ मून नाम उत्तरी गोलार्ध की लोककथाओं से जुड़ा है। मान्यता है कि जनवरी की ठंडी रातों में भेड़िए ज्यादा हुआ करते थे। अंत में, जनवरी सुपरमून वुल्फ मून आज भी परंपरा और विज्ञान का अनोखा संगम माना जाता है। Share This Article Post navigation H-1B वीजा देरी अमेज़न: भारत में फंसे कर्मचारियों को मार्च 2026 तक रिमोट वर्क की इजाज़त चाइना का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार… पूर्व मेयर को मौत की सजा, घर से बरामद हुआ था 13 हजार किलो सोना और 3400 करोड़ रुपए