jhiram ghati attack
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रायपुर, 26 मई 2026/ ETrendingIndia / झीरम घाटी हमला की 13वीं बरसी पर रमन सिंह का भावुक बयान, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी हमला की 13वीं बरसी पर राज्य के विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Raman Singh ने भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना को राज्य कभी नहीं भूल सकता।

रमन सिंह ने कहा कि झीरम घाटी हमला लोकतंत्र पर कायराना हमला था। इसमें शहीद हुए नेताओं और जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। इसके अलावा उन्होंने नक्सलवाद पर निर्णायक लड़ाई पूरी होने का दावा भी किया।


2013 का झीरम घाटी हमला और राजनीतिक पृष्ठभूमि

झीरम घाटी हमला वर्ष 2013 में हुआ था, जब कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा सुकमा से शुरू होकर जगदलपुर जा रही थी। उस समय काफिले में लगभग 200 से अधिक नेता शामिल थे।

इसके बाद झीरम घाटी हमला में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया और कई बड़े नेताओं को निशाना बनाया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

इस हमले को छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक काला अध्याय माना जाता है।


काफिले पर घात लगाकर हुआ था बड़ा हमला

झीरम घाटी हमला के दौरान नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता रोक दिया था। इसके बाद छिपकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई।

इस हमले में कई गाड़ियों को निशाना बनाया गया और लंबे समय तक गोलीबारी होती रही। कई नेता और सुरक्षाकर्मी मौके पर ही शहीद हो गए थे।

इसके बाद स्थिति और भयावह हो गई जब नक्सलियों ने घायलों पर भी हमला किया।


शहीदों को दी श्रद्धांजलि, नक्सलवाद पर बयान

रमन सिंह ने कहा कि झीरम घाटी हमला में शहीद हुए सभी नेताओं और जवानों को वह श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन शहीदों का बलिदान लोकतंत्र और जनसेवा के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई पूरी हो चुकी है।