Share This Article नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। Jio Platforms IPO : रिलायंस समूह की Jio Platforms के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी के बीच नए रिकॉर्ड बनाए हैं। सार्वजनिक निवेशक श्रेणियों से कंपनी के आईपीओ को 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं, जबकि एंकर निवेशकों की बोलियों को शामिल करने पर कुल मांग लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये बताई गई। इस पेशकश के लिए 1.34 करोड़ आवेदन आने की भी रिपोर्ट है। हालांकि, बोलियों की कुल रकम कंपनी की वास्तविक फंड जुटाने की राशि से अलग होती है। ₹4.9 लाख करोड़ से अधिक की सार्वजनिक बोलियां उपलब्ध सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के अनुसार, एंकर निवेशकों को छोड़कर Jio Platforms के आईपीओ में 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। इस आधार पर कंपनी ने LG Electronics India के 2025 के आईपीओ की तुलना में अधिक मांग दर्ज की। एंकर निवेशकों के लिए लगभग 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए थे, जिनके लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलने की जानकारी दी गई है। एंकर निवेशकों की बोलियां सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले प्राप्त होती हैं। इसलिए अलग-अलग आईपीओ के कुल मांग आंकड़ों की तुलना करते समय एंकर बुक को शामिल करने या बाहर रखने का अंतर समझना जरूरी है। 1.34 करोड़ आवेदन, कुल सब्सक्रिप्शन 22.19 गुना रिपोर्ट के मुताबिक, Jio Platforms का आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में मांग इस प्रकार रही: क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 70.55 गुना नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक: 14 गुना खुदरा निवेशक: 2.72 गुना कर्मचारी श्रेणी: 2.93 गुना शेयरधारक श्रेणी: 7.6 गुना आईपीओ के लिए 1.34 करोड़ आवेदन आने की रिपोर्ट है। इतनी बड़ी भागीदारी ने भारतीय प्राथमिक बाजार में निवेशकों की रुचि को रेखांकित किया है। ₹30,213 करोड़ जुटाने के लिए जारी हुए 27 करोड़ शेयर कंपनी ने आईपीओ के तहत 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए। इश्यू का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया था और कंपनी ने इस फ्रेश इश्यू के जरिए लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा। आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद हुआ। कंपनी की योजना के अनुसार, इश्यू से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। वास्तविक रूप से जुटाई गई रकम इश्यू की अंतिम कीमत, आवंटन और निपटान पर निर्भर करती है। एंकर निवेशकों सहित कुल मांग का आंकड़ा क्यों अलग है? एंकर निवेशकों की बोलियों को जोड़ने पर Jio Platforms के आईपीओ की कुल मांग लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, अन्य बड़े आईपीओ के एंकर निवेशक आंकड़े सार्वजनिक रूप से एक समान उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी पेशकशों की कुल मांग की सटीक तुलना करना मुश्किल है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2008 में Reliance Power के आईपीओ में भारी मांग आई थी, लेकिन उस समय आवेदन राशि जमा करने के नियम आज की व्यवस्था से अलग थे। वर्तमान ASBA प्रणाली में निवेशकों की बोली के अनुरूप रकम उनके बैंक खाते में ब्लॉक की जाती है। इससे बोली का मूल्य निवेशकों की प्रतिबद्ध राशि को अपेक्षाकृत बेहतर ढंग से दर्शाता है, हालांकि यह कंपनी की वास्तविक कमाई या जुटाई गई पूंजी के बराबर नहीं होता। भारतीय IPO बाजार के लिए अहम पड़ाव Jio Platforms की पेशकश ऐसे समय आई है, जब भारतीय शेयर बाजार में बड़े आईपीओ के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। इससे पहले Bajaj Housing Finance और Waaree Energies के आईपीओ को 2024 में उल्लेखनीय आवेदन मिले थे, जबकि LG Electronics India के 2025 के आईपीओ ने बोली मूल्य के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया था। Jio Platforms की भारी मांग भारतीय प्राथमिक बाजार के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है। फिर भी, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आईपीओ में अधिक सब्सक्रिप्शन या बड़ी बोलियां अपने आप लिस्टिंग के बाद बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं देतीं। Share This Article Post navigation त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों पर रहेगी नजर…. शुल्क-मुक्त आयात की समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ी