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रायपुर, दिनांक 14 मई, 2026/ ETrendingIndia / Agricultural scientists devise strategy to control weeds / खरपतवार नियंत्रण रणनीति , इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना की त्रिदिवसीय 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक का आज समापन हुआ।

बैठक के तृतीय दिवस में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया।

इस दौरान खरपतवार प्रबंधन से संबंधित आधुनिक तकनीकों, कृषि उपयोगी उत्पादों, नवाचारों एवं अनुसंधान आधारित समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।

उद्योग प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग, प्रभावी खरपतवार नियंत्रण उपायों तथा किसानों तक उन्नत तकनीक पहुंचाने के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने विभिन्न फसलों को हानि पहुंचाने वाले खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण की विभिन्न विधियों पर चर्चा की तथा फसलों को इनसे होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने हेतु मंथन किया।

इस दौरान विभिन्न रासायनिक खरपतवारनाशकों से मिट्टी, जल एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई और इसे रोकने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

हानिकारक हर्बिसाइड के उपयोग को सीमित करते हुए खरपतवार प्रबंधन की वैकल्पिक विधियों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया।

बैठक का उद्घाटन मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (NRM) डॉ. ए. के. नायक द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में किया गया।

यह परियोजना देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में फसलों में खरपतवार नियंत्रण पर अनुसंधान तथा नवीनतम तकनीकांे के विकास एवं उनके किसानों के बीच प्रसार हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के माध्यम से चलाई जा रही है।

इस समीक्षा बैठक में देश भर के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालय में संचालित 17 प्रमुख केंद्रों तथा 7 स्वयंसेवी केंद्रों में खरपतवार अनुसंधान में लगे कार्यरत वैज्ञानिकों के अलावा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAU), ICAR संस्थानों तथा हर्बीसाइड उद्योगों लगभग 100 वैज्ञानिकों के शामिल हुए।