रायपुर 27 नवंबर 2025/ ETrendingIndia / NITI Aayog releases new roadmap for agricultural technology transformation: Technology-based farming will increase productivity / कृषि तकनीक रोडमैप , नीति आयोग ने भारतीय खेती को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने गांधीनगर में ‘कृषि की पुनर्कल्पना : अग्रणी प्रौद्योगिकी- आधारित परिवर्तन के लिए रोडमैप’ लॉन्च किया।
यह रोडमैप बताता है कि आने वाले वर्षों में कैसे उन्नत तकनीक की मदद से भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लचीला बनाया जा सकता है।
जो किसानों को मौसम, मिट्टी, पानी और बाजार स्थितियों के आधार पर सही निर्णय लेने में मदद करेंगे।
इस योजना में खेती के आधुनिकीकरण के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है—
जलवायु-अनुकूल बीज,
सटीक (प्रिसिजन) खेती,
डिजिटल ट्विन्स,
और एजेंटिक AI,
उल्लेखनीय है कि भारत में कृषि न केवल करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता की रीढ़ भी है। ऐसे समय में, जब जलवायु परिवर्तन, मिट्टी का क्षरण और बदलते बाजार किसानों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी कर रहे हैं.
रोडमैप किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार तीन समूहों—आकांक्षी, परिवर्तनशील और उन्नत—में वर्गीकृत करता है, ताकि उन्हें उपयुक्त तकनीकी समाधान दिए जा सकें। यह योजना BCG, गूगल और CII जैसी संस्थाओं के सहयोग से तैयार की गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश में कृषि-टेक स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं और ड्रोन, उपग्रह डेटा, AI आधारित सलाह, स्मार्ट सिंचाई और मिट्टी-पोषक सेंसर जैसी तकनीकें किसानों के काम आने लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खेती को तकनीक-आधारित बनाना भारत की खाद्य सुरक्षा और निर्यात क्षमता को मजबूत करेगा।
इस रोडमैप का लक्ष्य 2047 तक भारत को सतत और नवाचार-चालित कृषि के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाना है। सरकार का कहना है कि यदि तकनीक, निवेश और किसानों की सहभागिता एक साथ आगे बढ़े, तो भारत का कृषि भविष्य न केवल सुरक्षित बल्कि विश्व के लिए प्रेरक मॉडल बन सकता है।
