Share This Article रायपुर, 21 अगस्त 2026/ Ladakh Viral Video : लद्दाख में एक जांच चौकी पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने से नाराज एक महिला पर्यटक का सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित तौर पर आक्रामक व्यवहार वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद कई पूर्व सैन्य अधिकारियों और भूतपूर्व सैनिकों ने महिला के व्यवहार की आलोचना करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा संवेदनशीलता और सैनिकों के सम्मान पर जोर दिया है। वायरल वीडियो बिना तारीख का बताया जा रहा है। इसमें कई पर्यटकों के बीच एक महिला लद्दाख की एक जांच चौकी पर वाहनों को रोके जाने को लेकर सुरक्षाकर्मियों से नाराजगी जाहिर करती दिखाई दे रही है। महिला हाथ में फोन लेकर पूरी घटना रिकॉर्ड करती नजर आती है। वीडियो में महिला को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘हम जेन-जी हैं… हम यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ वह यह सवाल भी करती सुनाई देती है कि पर्यटक ऐसी जगहों पर आखिर क्या देखने आते हैं। हालांकि, वीडियो के सामने आए हिस्से से यह स्पष्ट नहीं है कि घटना वास्तव में कब हुई और वाहनों को किस वजह से रोका गया था। इसलिए पूरे घटनाक्रम और महिला की नाराजगी की वास्तविक वजह की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने किया सैनिकों का समर्थन मिजोरम के राज्यपाल और पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए सैनिकों के समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के बीच ढाल बनकर खड़ी है। उन्होंने लद्दाख के मिनामार्ग क्षेत्र में सैनिकों के साहस, बलिदान और सतर्कता का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिकों पर गलत आरोप लगाना या उनका अनादर करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी घटना की आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि भावनाओं या बिना पूरी जानकारी के लगाए गए आरोपों के आधार पर। लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने भी जताई आपत्ति कश्मीर में 15वीं कोर के पूर्व जीओसी और आतंकवाद रोधी मामलों के विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सतीश दुआ ने भी वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए महिला की कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लद्दाख जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में यातायात और आवाजाही को लेकर सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलताएं होती हैं। उन्होंने सैनिकों के बलिदान और जिम्मेदारियों का सम्मान करने की बात कही। केजेएस ढिल्लों ने भी सैनिकों के पक्ष में लिखा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केजेएस ढिल्लों ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लद्दाख में तैनात सैनिकों के कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने का उल्लेख करते हुए महिला से सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सैनिक दिन-रात देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं और नागरिकों को कानून का पालन करते हुए उनके साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। क्या है पूरा मामला? फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच चौकी पर वाहनों की आवाजाही किस सुरक्षा कारण से रोकी गई थी। इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना उचित होगा। Share This Article Post navigation India-Japan Defence Cooperation : भारत-जापान की समुद्री ताकत बढ़ेगी…! राजनाथ सिंह और शिंजीरो कोइजुमी ने किया बड़ा समझौता अन्नपूर्णा का पैसा नहीं मिलने पर राज्य में कई जगहों पर गृह लक्ष्मियों ने दिखाया गुस्सा