रायपुर, 17 नवंबर 2025/ ETrendingIndia / Lalu Prasad Yadav’s daughter Rohini Acharya gave him a new lease on life: Understand the importance of kidneys through a kidney transplant/ लालू यादव किडनी ट्रांसप्लांट , बिहार का विधानसभा चुनाव होने और अप्रत्याशित रूप से जनादेश आने के उपरांत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को उनकी बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा किडनी दान किए जाने की खबर ने एक बार फिर अंगदान और किडनी से जुड़ी बीमारियों पर जनमानस का ध्यान बढ़ाया है.
संवेदनशीलता की मिसाल
सिंगापुर में हुए इस ऑपरेशन के बाद मेडिकल टीम ने बताया कि लालू प्रसाद यादव की हालत अब स्थिर है और ट्रांसप्लांट सफल रहा। बेटी रोहिणी द्वारा पिता को किडनी दान करने के इस मानवीय उदाहरण ने देशभर में परिवार और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।
बढ़ रही हैं किडनी संबंधी बीमारियाँ
करीब एक दशक पहले तक बेहद जटिल सर्जरी मानी जाने वाली किडनी ट्रांसप्लांटेशन आज काफी व्यापकता से अपनाई जा रही है और इसकी जरूरत भी लगातार बढ़ते जा रही हैं। यही कारण है कि किडनी संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम के लिए ‘वर्ड डायबिटीज डे’ जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं.
सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, भोपाल के अधीक्षक डॉ॰ अविनाश अग्रवाल ने बताया कि भारत में किडनी संबंधी बीमारियाँ लगातार
तेजी से बढ़ रही हैं। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, अनियमित जीवनशैली, अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं।
अनुमान है कि देश में हर साल लाखों लोग किडनी फेल्योर की समस्या से जूझते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है।
शरीर का फिल्टर प्लांट है किडनी
किडनी मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह सेम के आकार जैसे दो अंग होते हैं, जिसमें एक किडनी को दान करने पर दूसरी किडनी की सहायता से आराम से स्वस्थ जीवन दिया जा सकता है. किडनी खून को फ़िल्टर कर शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है, शरीर में पानी और खनिजों का संतुलन बनाती है तथा BP नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाती है। किडनी खराब होने पर शरीर में यूरिया और टॉक्सिन जमा होने लगते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं।
किडनी ट्रांसप्लांट है जीवनरक्षक विकल्प
किडनी ट्रांसप्लांट उन मरीजों के लिए जीवनरक्षक विकल्प है, जिनकी किडनी पूरी तरह से काम करना बंद कर चुकी है। जीवित दाता ( मुख्य रूप से परिजन) या मृत दाता या किडनी मैच होने की स्थिति में अन्य व्यक्ति भी किडनी प्रत्यारोपण हेतु अपनी किडनी दान कर सकता है।
डॉ॰ अविनाश अग्रवाल ने कहा कि ट्रांसप्लांट के बाद मरीज और दानदाता सामान्य जीवन जी सकता है, बशर्ते नियमित दवाइयाँ, जांच और जीवनशैली में सुधार अपनाया जाए।
अच्छी जीवनशैली और खानपान पर ध्यान दे
लालू प्रसाद यादव का सफल ट्रांसप्लांट न केवल राजनीतिक और मेडिकल जगत के लिए अच्छी खबर है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि समय पर जांच, जागरूकता, अच्छी जीवन शैली अपनाने, खानपान पर ध्यान रखने और अंगदान का संकल्प कई जिंदगियों को बचा सकता है।
