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रायपुर 18 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Rescue of a female bear and her two cubs: City residents breathe a sigh of relief / मादा भालू रेस्क्यू मनेंद्रगढ़ , छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ शहर में पिछले तीन माह से भालू के विचरण से नागरिकों में दहशत का माहौल बना हुआ था। कई मोहल्लों में लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए मनेंद्रगढ़ वन विभाग ने मंगलवार को विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मादा भालू और उसके दो शावकों को सुरक्षित पकड़ने में सफलता हासिल की।

वन विभाग द्वारा शहर के होटल हसदेव इन के पास पहले पिंजरे लगाए गए, जिसमें दोनों शावक सुरक्षित रूप से पकड़ में आ गए। इसके बाद कानन पेंडारी, बिलासपुर से आई वेटरनरी डॉक्टरों की टीम—डॉ. चंदन और डॉ. अजीत पांडेय—की मौजूदगी में मादा भालू को वन क्षेत्र के भीतर सुरक्षित तरीके से बेहोश किया गया। बाद में मादा भालू को उसी पिंजरे में शिफ्ट किया गया, जिसमें उसके शावक रखे गए थे। पूरे अभियान में मनेंद्रगढ़ वन विभाग की 15 से 20 सदस्यीय टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

यह रेस्क्यू अभियान वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) के मार्गदर्शन में पूरी सतर्कता के साथ किया गया। मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। स्थानीय प्रशासन ने भी अभियान में सहयोग किया। रेस्क्यू के बाद भालुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उपचार और निगरानी की व्यवस्था की गई है।

भालू या वन्यजीव को नहीं छेड़े और न ही पास जाने की कोशिश करें

वन विभाग ने बताया कि जंगलों के सिमटने और भोजन की तलाश में वन्यजीव कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विभाग ने अपील की है कि भालू या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें छेड़ने या पास जाने की कोशिश न करें, न ही भीड़ एकत्र करें। तुरंत वन विभाग या प्रशासन को सूचना दें।

साथ ही, नागरिकों से रात के समय अकेले बाहर न निकलने, खुले में खाद्य सामग्री न छोड़ने और बच्चों को सावधान रखने की अपील की गई है।