रायपुर 23 मई 2026/ ETrendingIndia / मध्यप्रदेश हाईकोर्ट मुआवजा मामले में कारोबारी को बड़ी राहत
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट मुआवजा मामले में एक कारोबारी को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने 57 दिन जेल में रहने वाले कारोबारी अजय सिंह को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह मामला उस समय सामने आया था जब एयरपोर्ट जांच मशीन ने आमचूर और गरम मसाले के पैकेट को कथित तौर पर ड्रग्स समझ लिया था।
एयरपोर्ट मशीन ने मसालों को समझा मादक पदार्थ
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट मुआवजा मामले के अनुसार, कारोबारी Ajay Singh 7 मई 2010 को भोपाल से दिल्ली होते हुए मलेशिया जा रहे थे।
इसी दौरान भोपाल एयरपोर्ट पर मौजूद Explosive Trace Detector (ETD) मशीन ने उनके सामान में हेरोइन और MDEA जैसे पदार्थ होने का संकेत दिया।
इसके बाद CISF कर्मियों ने उन्हें हिरासत में लिया और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
57 दिन जेल में रहने के बाद मिली राहत
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट मुआवजा मामले में फॉरेंसिक जांच के बाद यह साफ हो गया कि जब्त नमूनों में कोई मादक पदार्थ नहीं था।
इसके बाद पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और अदालत ने मामला बंद कर दिया। हालांकि, कारोबारी को 57 दिन जेल में बिताने पड़े थे।
इसी कारण Ajay Singh ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की।
कोर्ट ने राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट मुआवजा मामले में अदालत ने कहा कि राज्य में आधुनिक फॉरेंसिक सुविधाओं की कमी और अधिकारियों की लापरवाही के कारण कारोबारी को अनावश्यक जेल में रहना पड़ा।
कोर्ट ने इसे व्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना। इसलिए राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया।
मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को पहुंचा नुकसान
याचिका में कारोबारी ने कहा कि गलत कार्रवाई के कारण उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा।
