रायपुर 15 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Mahashivratri is the festival of the divine incarnation of the Supreme Being: under the Shiva flag, a pledge is taken to renounce evil./ महाशिवरात्रि पर्व महत्व , प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में 90 वीं त्रिमूर्ति शिव जयन्ती छः दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जा रहा है।
शान्ति सरोवर सड्ढू और नवा रायपुर के सेक्टर- 20 स्थित शान्ति शिखर भवन में द्वादश ज्योतिर्लिंग को झांकी के रूप में प्रदर्शित किया गया है जिसका दर्शन करने आज दिन भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पधारे।
इस अवसर रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बतलाया कि महाशिवरात्रि का पर्व परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण की यादगार है। जब धरती में चहुंओर अज्ञान अंधकार छाया होता है। मनुष्यात्माएं काम, क्रोध ,लोभ, मोह और अहंकार के वशीभूत होकर दुखी और अशांत हो जाती हैं तब उन्हे ईश्वरीय ज्ञान देकर निर्विकारी और पवित्र बनाने के लिए परमात्मा शिव का दिव्य अवतरण होता है। वह अज्ञानता रूपी अन्धकार को दूर करते हैं इसलिए उनके अवतरण को शिवरात्रि के रूप में मनाते हैं।
उन्होने आगे कहा कि शिवरात्रि अनेक रहस्यों को समेटे हुए है। आज के दिन लोग शिवालय में जाकर शिव प्रतिमा पर अक धतूरा आदि कांटेदार फूल चढ़ाते हैं। इसका आध्यात्मिक रहस्य यह है कि जीवन में दुखी करने वाली बुरी आदतें और बुरे संस्कार हैं उन्हें शिव अर्पण कर मुक्त हो जाना है।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने शिव ध्वज फहराकर सभी भाई-बहनों को अपनी बुराइयों को प्रभु अर्पण करने की प्रतिज्ञा कराई। पश्चात शिवबाबा को भोग लगाकर सभी को प्रसाद देकर शिवजयन्ती की बधाई दी।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के साथ बीके रश्मि दीदी, बीके भावना दीदी, बीके स्नेहमयी दीदी, बीके अंशु दीदी, बीके सिमरण दीदी, बीके सन्तोष दीदी, बीके दुर्गेश्वरी दीदी, बीके योगेश्वरी दीदी, बीके अनूप दीदी और बीके प्रतिभा दीदी आदि उपस्थित रहीं।
