Malaria Vaccine Price CutMalaria Vaccine Price Cut
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नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। Malaria Vaccine Price Cut : मलेरिया के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए भारत बायोटेक ने गावी और यूनिसेफ के साथ वैक्सीन की कीमत कम करने का समझौता किया है। इसके तहत मलेरिया वैक्सीन की कीमत करीब 40 प्रतिशत घटाकर 5.50 यूरो प्रति खुराक करने की योजना है। इस कदम से 2027 से 2029 के बीच टीकाकरण कार्यक्रमों को लगभग 5 करोड़ डॉलर की बचत होने और 10 लाख अतिरिक्त बच्चों को वैक्सीन की पूरी खुराक उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2027 से लागू हो सकती है नई कीमत

भारत बायोटेक अब मॉस्किवैक (Mosquirix) ब्रांड नाम से RTS,S/AS01 मलेरिया वैक्सीन का निर्माण कर रही है। इस वैक्सीन को मूल रूप से ब्रिटिश दवा कंपनी जीएसके ने विकसित किया था। गावी और यूनिसेफ के साथ हुए समझौते के तहत इसकी कीमत कम करने का लक्ष्य रखा गया है। नई कीमत 2027 की शुरुआत तक लागू होने की उम्मीद है।

कीमत में कमी से उन देशों के टीकाकरण कार्यक्रमों को राहत मिलने की संभावना है, जहां मलेरिया का प्रकोप अधिक है और बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया जाता है।

चार खुराक का कोर्स मलेरिया के मामलों में ला सकता है कमी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2021 में RTS,S/AS01 मलेरिया वैक्सीन के इस्तेमाल की सिफारिश की थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मौसमी मलेरिया के अधिक प्रसार वाले क्षेत्रों में चार खुराक का पूरा टीकाकरण कोर्स मलेरिया के मामलों में लगभग 75 प्रतिशत तक कमी लाने में मदद कर सकता है।

वैक्सीन की कीमत कम होने से टीकाकरण कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने और अधिक बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, टीकाकरण के वास्तविक परिणाम स्थानीय परिस्थितियों, टीकाकरण कवरेज और अन्य मलेरिया नियंत्रण उपायों पर भी निर्भर करते हैं।

भारत बायोटेक ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर किया निवेश

भारत बायोटेक के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कृष्णा एला ने कहा कि कंपनी ने वैक्सीन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निवेश किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर कंपनी का उद्देश्य मलेरिया वैक्सीन को अधिक किफायती बनाना और इसे ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाना है।

भारत बायोटेक, गावी और यूनिसेफ के बीच सहयोग से वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों की लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2024 में मलेरिया से 6.10 लाख लोगों की मौत

मलेरिया आज भी दुनिया भर में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। उपलब्ध वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में दुनिया भर में मलेरिया के लगभग 28.2 करोड़ मामले सामने आए और करीब 6.10 लाख लोगों की मौत हुई। इनमें से अधिकांश मामले और मौतें अफ्रीका में दर्ज की गईं।

गावी समर्थित मलेरिया टीकाकरण कार्यक्रम अफ्रीका के 25 देशों में नियमित टीकाकरण का हिस्सा है। वैक्सीन की कीमत घटने से अधिक बच्चों तक टीके पहुंचाने में मदद मिल सकती है। वैश्विक स्तर पर वर्ष 2030 तक 5 करोड़ अतिरिक्त बच्चों को मलेरिया वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा गया है।

सस्ती वैक्सीन से वैश्विक टीकाकरण को मिलेगी गति

मलेरिया वैक्सीन की कीमत में प्रस्तावित कमी वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे सीमित संसाधनों वाले देशों को टीकाकरण पर होने वाले खर्च में राहत मिलने और अधिक बच्चों को सुरक्षा देने की संभावना है। भारत बायोटेक की बढ़ती उत्पादन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से मलेरिया नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


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