Share This Article रायपुर, 10 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Case of the murder of six Naga citizens in Manipur… NIA arrests two people / राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की अगुवाई में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) की जॉइंट टीम ने शुक्रवार सुबह 13 मई, 2026 को नगा समुदाय के छह लोगों की हत्या में शामिल होने के आरोप में दो लोगों को मणिपुर के कांगपोकपी जिले से गिरफ्तार किया हैं. दोनों गिरफ्तार आरोपी पति-पत्नी हैं. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, विश्वस्त सूचना के आधार पर मणिपुर पुलिस, एनआईए और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की एक संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया था. उसने बताया कि दोनों आरोपियों को पकडऩे के लिए शुक्रवार तड़के लेइलोन वाइफेई में अभियान शुरू किया गया. ये आरोपी नगा समुदाय के छह लोगों की हत्या में कथित तौर पर शामिल थे. पुलिस ने बताया कि कुकी-जो बहुल गांव से आयिंगबी नामक महिला और प्रदीप नाम के पुरुष को पकड़ा गया. तोम्बा का बेटा प्रदीप लेइलोन वाइफेई गांव का रहने वाला है. वहीं, मामले में प्रदीप की पत्नी अयिंगबी को भी गिरफ्तार किया गया है. ऑपरेशन के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने कानूनी नियमों के मुताबिक जगह पर जरूरी तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की. लेइलोन वैफेई गांव के पास 13 मई को छह नगा नागरिकों की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी. जिसके बाद नगा और मैतेई समुदायों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया. सुरक्षा एजेंसियां घटना के आस-पास के हालात की जांच कर रही हैं. कई नगा संगठन राज्य में नाकाबंदी और दूसरे विरोध कार्यक्रम जारी रखे हुए हैं. नगा समूहों ने कांगपोकपी जिले के सभी रास्तों को भी बंद कर दिया था जिससे कुकी-जो बहुल जिले में जरूरी चीजों की कीमतों में भारी उछाल आया. शव मिलने के कुछ दिनों बाद कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के अध्यक्ष हेनलिएंथंग थांगलेट ने इस घटना के लिए माफी मांगी और मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष से जुड़ी हिंसा की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि कुकी-जो समुदाय के लोगों ने छह नगा नागरिकों की हत्या करके एक गंभीर गलती की है. यह भावनात्मक आवेश में किया गया था. मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं. मुझे बहुत खेद है और मैं अपने समुदाय की ओर से माफी मांगता हूं. हालांकि, एक दिन बाद, केजेडसी ने कहा कि थांगलेट के बयान के कुछ हिस्सों को कुकी-जो समुदाय द्वारा घटना की जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने के रूप में गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया. केजेडसी ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा व्यक्त किया गया दुख पूरी तरह से मानवता, करुणा और नैतिक जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित था और इसका उद्देश्य सामूहिक दोषारोपण करना नहीं था. Share This Article Post navigation मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई : एके-56 और एम-16 राइफलों समेत गोला-बारूद बरामद, 4 बंकर नष्ट … मणिपुर : असम राइफल्स शिविर पर हमला… भीड़ ने किया पथराव और तोड़फोड़