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रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के पावन पर्व पर इंदौर में आयोजित राज्‍य स्‍तरीय शस्त्र-पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय सनातन संस्कृति, शौर्य, शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।

भारतीय संस्कृति हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा देती है। शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के कष्ट दूर करने, नागरिकों की रक्षा करने और व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के पावन पर्व पर इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में सहभागिता कर शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र रक्षा की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन किया।

इस अवसर पर उन्होंने मां कालका की आराधना की तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परंपरागत तलवार, भाला सहित अत्याधुनिक एके-47 और अन्य अस्त्र-शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस वाहन, अश्वों का पूजन करने के साथ शस्त्रागार का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने कन्या पाद पूजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय तथा मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध के माध्यम से नारी शक्ति के सामर्थ्य का संदेश देता है।

हमारी परंपरा में शस्त्र को भी तिलक लगाकर श्रद्धा और पवित्रता के साथ पूजने का विधान है। यह शस्त्र के प्रति सम्मान के साथ उसके जिम्मेदार उपयोग की प्रेरणा देता है।

आज प्रदेशभर में पुलिस बलों द्वारा शासकीय स्तर पर शस्त्र पूजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन में अनुशासन के साथ प्रोत्साहन भी आवश्यक है। दण्ड से व्यवस्था कायम होती है, तो प्रोत्साहन और सम्मान से कार्य करने वालों का उत्साह बढ़ता है।

इंदौर के पुलिस नवाचारों की सराहना

मुख्यमंत्री ने इंदौर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लोकार्पित एप नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाने में उपयोगी सिद्ध होगा।

इस एप के माध्यम से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी संबंधी जानकारी, संबंधित थानों और अधिकारियों का विवरण, संपर्क सुविधाएं तथा आवश्यक पुलिस सेवाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी।

इसकी उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में इसे प्रदेश स्तर पर लागू करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था के लिए 51 मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने की पहल की भी सराहना की।

पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती का निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस विभाग में 18,500 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। प्रदेश में विभिन्न विभागों में कुल 85 हजार पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की बात कही और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की विशेष परीक्षाएं आयोजित करने का उल्लेख किया।


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