Share This Article भोपाल, 23 सितंबर 2026। National Ayurveda Day 2026 : 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव की महत्वपूर्ण पद्धति बताया। भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ रहने और रोगों से बचाव की जीवन पद्धति भी है। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश को 25 नए आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालय भवनों की सौगात दी गई। CM मोहन यादव बोले- आहार, विचार और व्यवहार में संतुलन जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से शामिल रहा है। उन्होंने आहार, विचार और व्यवहार में संतुलन को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए योग और आयुर्वेद आधारित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को केवल बीमार होने के बाद उपचार तलाशने के बजाय पहले से ही अपने स्वास्थ्य की देखभाल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद सहित विभिन्न स्वास्थ्य पद्धतियों की भूमिका सामने आई। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद की वैश्विक पहुंच का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष क्षेत्र का बाजार वर्ष 2014 के करीब 3 अरब डॉलर से बढ़कर अब 43 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर जल्द मिल सकती है खुशखबरी कार्यक्रम में आयुष इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग भी सामने आई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस विषय पर आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार से चर्चा के बाद समुचित निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आयुष इंटर्न चिकित्सकों को जल्द ही इस संबंध में शुभ समाचार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा पद्धति को लगातार प्रोत्साहित कर रही है तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। 184 करोड़ से अधिक के 25 आयुष भवनों की सौगात, डिंडौरी में 102 करोड़ का कॉलेज राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 184 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों से जुड़े विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 4.70 करोड़ रुपये की लागत से बने 12 आयुष भवनों का लोकार्पण तथा करीब 179 करोड़ रुपये की लागत से 13 आयुष भवनों, चिकित्सालयों और आयुर्वेद महाविद्यालयों की आधारशिला शामिल है। डिंडौरी में जनजातीय क्षेत्र में 102 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आयुर्वेद महाविद्यालय का शुभारंभ भी किया गया। इसके अलावा पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में 6 एकड़ क्षेत्र में तैयार स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का लोकार्पण हुआ। आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्रों को अब ‘आयुष आरोग्यम धाम’ के नाम से जाना जाएगा। MP में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय, 1,773 औषधालय संचालित मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की गई है। आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2002-03 की तुलना में आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि की है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी खोले जा रहे हैं। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के अनुसार प्रदेश में 9 आयुष महाविद्यालय संचालित हैं और 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आयुष विंग संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में आयुर्वेद प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया गया तथा पंडित खुशीलाल महाविद्यालय में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस में जनप्रवेश की शुरुआत हुई। Share This Article Post navigation MP Crop Diversification : सीधी के किसानों को CM मोहन यादव की बड़ी सलाह, नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाकर बढ़ाएं आमदनी