रायपुर 4 फरवरी 2026 / ETrendingIndia / धोखाधड़ी रोकने के लिए बड़ा कदम
सरकार ने मृत व्यक्तियों के आधार निष्क्रिय करने की बड़ी कार्रवाई की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद में यह जानकारी दी।
अब तक 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबर बंद किए जा चुके हैं। यह कदम पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया गया है।
क्योंकि मृत व्यक्ति के आधार का गलत उपयोग किया जा सकता था, इसलिए यह कार्रवाई जरूरी मानी गई।
आधार डेटाबेस को सुरक्षित और सटीक रखने की पहल
यूआईडीएआई के अनुसार यह एक राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आधार डेटाबेस की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखना है।
हालांकि, आधार में दर्ज पता और मृत्यु पंजीकरण का स्थान अलग हो सकता है। फिर भी पहचान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मृत व्यक्तियों के आधार निष्क्रिय किए जा रहे हैं।
इससे सरकारी योजनाओं का गलत लाभ लेने की संभावना कम होगी।
नई सुरक्षा सुविधाएं भी लागू
सरकार ने आधार सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी हैं। उदाहरण के लिए, बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक फीचर अब उपलब्ध है। इससे आधार धारक अपने बायोमेट्रिक डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।
इसके अलावा फेस ऑथेंटिकेशन में ‘लाइवनेस डिटेक्शन’ जोड़ा गया है। इससे फर्जी पहचान की कोशिशों को रोका जा सकेगा।
इसी तरह सुरक्षित क्यूआर कोड, ऑफलाइन e-KYC और e-Aadhaar जैसी सेवाएं भी बढ़ाई गई हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मृत व्यक्तियों के आधार निष्क्रिय करने का फैसला सुरक्षा की दिशा में अहम है। इससे पहचान धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। साथ ही नई तकनीकों से आधार प्रणाली और अधिक सुरक्षित बनेगी। इस प्रकार नागरिकों के डेटा की सुरक्षा मजबूत होगी।
