Share This Article रायपुर, 08 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल की वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी नावी नए दौर का निवेश जुटाने की तैयारी में है। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी अमेरिकी निवेश फर्म एलिवेशन से करीब 4 करोड़ डॉलर यानी लगभग 390 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। इस सौदे के बाद नावी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 1.4 से 1.5 अरब डॉलर हो सकता है। प्रस्तावित निवेश अगस्त में कंपनी को मिले करीब 10 करोड़ डॉलर (लगभग 970 करोड़ रुपये) के निवेश से अलग होगा। नए दौर के निवेश के लिए एलिवेशन की बाद के चरण में निवेश करने वाली इकाई के माध्यम से पूंजी आने की संभावना है। इससे पहले अगस्त में नीदरलैंड की निवेश कंपनी प्रोसस ने नावी में 10 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। नावी ने लंबे समय तक बाहरी संस्थागत निवेश नहीं लिया था। वहीं, एलिवेशन ने वर्ष 2025 में बड़ी और पहले से स्थापित कंपनियों में निवेश के लिए 40 करोड़ डॉलर का अलग कोष बनाया था। हालांकि, नावी और एलिवेशन की ओर से प्रस्तावित निवेश को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।नावी में नए निवेश की बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब कंपनी प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी कर रही है। कंपनी सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से करीब 30 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। आईपीओ की तैयारी के लिए जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस बैंक, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन को निवेश बैंकिंग से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है। बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी का मूल्यांकन करीब 2 अरब डॉलर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। नए निर्गम से जुटाई जाने वाली पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में कर सकती है। नावी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में उसका यूपीआई आधारित अनुप्रयोग देश में चौथे स्थान पर रहा। इसी अवधि में नावी फिनसर्व की प्रबंधनाधीन संपत्ति बढ़कर 13,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में समेकित मुनाफा भी दर्ज किया।भारत के वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश गतिविधियों में एक बार फिर तेजी दिखाई दे रही है। हालांकि, निवेशकों का रुझान अब पहले की तुलना में अधिक चयनात्मक है और वे मजबूत कारोबार, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन तथा विकास की स्पष्ट संभावनाओं वाली कंपनियों में ही बड़े निवेश पर जोर दे रहे हैं। नावी में प्रस्तावित नया निवेश भी कंपनी के विस्तार और आगामी सार्वजनिक निर्गम की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Share This Article Post navigation पेटीएम को एक और तगड़ा झटका, शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से आधिकारिक तौर पर हटा नाम