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रायपुर, 29 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को अचानक संयुक्त अरब अमीरात की गुप्त यात्रा की और अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इजरायली मीडिया और अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, नेतन्याहू निजी विमान से अबू धाबी पहुंचे और करीब चार घंटे वहां रहने के बाद इजरायल लौट गए। हालांकि, नेतन्याहू कार्यालय और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने यात्रा और मुलाकात को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।


इजरायली चैनल-12 की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू रविवार दोपहर बेन गुरियन हवाई अड्डे से निजी विमान से रवाना हुए। विमान दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर अबू धाबी पहुंचा। करीब चार घंटे बाद शाम 7 बजकर 10 मिनट पर विमान इजरायल के लिए रवाना हुआ और रात में वहां पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ मुलाकात की।
मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बैठक के एजेंडे या बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।


नेतन्याहू की यह गुप्त यात्रा ऐसे समय हुई है, जब इजरायल में 7 अक्टूबर, 2023 के हमले से पहले संयुक्त अरब अमीरात की ओर से कथित चेतावनी मिलने को लेकर विवाद चल रहा है।


इजरायली समाचार पत्र ‘हारेत्जÓ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हमास के हमले से करीब 10 दिन पहले संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने नेतन्याहू को हमास की ओर से बड़े हमले की तैयारी के बारे में चेताया था। बाद की रिपोर्टों में इस कथित बातचीत और संयुक्त अरब अमीरात की खुफिया सूचना के बारे में अलग-अलग विवरण सामने आए हैं।


कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि कथित चेतावनी इजरायल के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों तक नहीं पहुंची। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।


नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से ऐसी कोई चेतावनी मिलने से इनकार किया है। उनके कार्यालय ने रिपोर्टों को गलत बताया और कहा कि यदि संयुक्त अरब अमीरात के पास कोई प्रासंगिक खुफिया जानकारी थी, तो उसे दोनों देशों के संबंधित खुफिया माध्यमों के जरिए साझा किया जाना था। नेतन्याहू ने इस मामले में ‘हारेत्जÓ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है।


संयुक्त अरब अमीरात की ओर से भी इस मामले पर अलग-अलग समय में परस्पर भिन्न रिपोर्टें सामने आई हैं। एक अमीराती अधिकारी ने सितंबर में इस बात से इनकार किया था कि राष्ट्रपति स्तर पर नेतन्याहू को ऐसी चेतावनी दी गई थी।


7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व में लड़ाकों ने इजरायल पर बड़ा हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा 2026 में 73,000 से अधिक हो चुका था। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घायल और विस्थापित हुए तथा गाजा में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।


अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने 21 नवंबर, 2024 को नेतन्याहू और तत्कालीन इजरायली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। न्यायालय ने कहा था कि उसके पास मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों से जुड़े आरोपों के संबंध में प्रथमदृष्टया पर्याप्त आधार हैं। नेतन्याहू ने इन आरोपों और न्यायालय की कार्रवाई को खारिज किया है।


नेतन्याहू 2022 के अंत में दोबारा इजरायल के प्रधानमंत्री बने थे। संयुक्त अरब अमीरात की उनकी मौजूदा गुप्त यात्रा ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को लेकर भी लगातार चर्चा बनी हुई है। हालांकि, अबू धाबी में शेख मोहम्मद के साथ हुई ताजा बैठक का वास्तविक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।


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