Share This Article नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026। NPS Vatsalya : बच्चों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई NPS Vatsalya Scheme तेजी से लोगों का ध्यान खींच रही है। अगस्त 2026 तक इस योजना से जुड़े खातों की संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई है। मार्च 2026 में यह संख्या करीब 2.15 लाख थी, जबकि मार्च 2025 में लगभग 1.07 लाख खाते थे। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले एक साल में योजना से जुड़ने वाले खातों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। ₹250 से शुरू होता है निवेश, अधिकतम सीमा नहीं NPS Vatsalya के तहत माता-पिता या अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं। इस योजना में निवेश की शुरुआत सिर्फ ₹250 से की जा सकती है और अधिकतम निवेश की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। खास बात यह भी है कि माता-पिता के अलावा रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चे के खाते में योगदान कर सकते हैं। 15 साल से कम उम्र के बच्चों की बड़ी हिस्सेदारी योजना में स्कूल जाने वाले बच्चों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा दिखाई देती है। 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे कुल खाताधारकों में करीब 36.9 प्रतिशत हैं। 5 से 9 वर्ष के बच्चों की हिस्सेदारी 31.6 प्रतिशत है। वहीं 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 21.1 प्रतिशत और 0 से 4 वर्ष के बच्चों की हिस्सेदारी 10.4 प्रतिशत है। यानी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 68.5 प्रतिशत है। Market-Linked योजना, रिटर्न के साथ जोखिम भी समझें NPS Vatsalya एक बाजार से जुड़ी निवेश योजना है। इसमें जमा राशि को चुने गए निवेश विकल्प और पेंशन फंड की रणनीति के अनुसार बाजार आधारित साधनों में लगाया जाता है। इसलिए लंबे समय में संपत्ति निर्माण की संभावना के साथ बाजार जोखिम भी जुड़ा रहता है। निवेश करने से पहले अभिभावकों को योजना के निवेश विकल्प, जोखिम और शुल्क को समझना जरूरी है। 3 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा नियमों के तहत कुछ निर्धारित परिस्थितियों में खाते से आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध है। खाता खुलने के तीन साल बाद जमा मूल राशि का 25 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। इसका इस्तेमाल शिक्षा, चिकित्सा उपचार और निर्धारित विशेष परिस्थितियों में किया जा सकता है। निकासी से जुड़े नियमों और पात्र परिस्थितियों को लागू नियमों के अनुसार देखना जरूरी है। 18 साल के बाद भी जारी रह सकता है निवेश बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद NPS Vatsalya खाते को निर्धारित नियमों के तहत आगे जारी रखा जा सकता है। इसे 21 वर्ष की आयु तक बनाए रखने और बाद में सामान्य NPS खाते में बदलने का विकल्प भी उपलब्ध है। यही वजह है कि यह योजना बच्चों के लिए केवल शुरुआती बचत तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लंबी अवधि की वित्तीय योजना का हिस्सा बन सकती है। Share This Article Post navigation भारतीय चाय को ग्लोबल ब्रांड बनाने की तैयारी…, उपराष्ट्रपति ने दिया आधुनिकता और रिसर्च पर जोर UP International Trade Show 2026 : 25 सितंबर से शुरू होगा यूपीआईटीएस, 72 देशों के 600 खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद, 500+ EV शटल रहेंगी तैनात