रायपुर 29 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / Operation Sindoor is a great example of civil-military coordination: Defence Minister Rajnath Singh / ऑपरेशन सिंदूर नागरिक–सैन्य , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवा सिविल सेवकों से अपील की कि वे देश के हितों की रक्षा में अपनी जिम्मेदारी को समझें और सैनिकों की तरह कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहें।
वे मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर नागरिक प्रशासन और सेना के बेहतरीन समन्वय का उदाहरण है। इस अभियान में सशस्त्र बलों ने संयमित तरीके से पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने महत्वपूर्ण सूचनाएँ साझा कर लोगों में भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के व्यवहार के कारण सीमा पर स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए शासन व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। प्रधानमंत्री के मंत्र— “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” और “सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन”— का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरा स्थान हासिल कर सकता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सिविल सेवकों का आचरण सत्यनिष्ठा और जवाबदेही से भरा होना चाहिए। वे केवल अधिकारियों के रूप में नहीं, बल्कि जनता के सेवक और सशक्तिकरण के वाहक के रूप में काम करें।
उन्होंने युवाओं से तकनीक का उपयोग सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में करने का आग्रह किया। जन-धन योजना, डीबीटी, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और फेसलेस टैक्स असेसमेंट जैसे उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक लोगों की समस्याओं के समाधान में एक महत्वपूर्ण औज़ार है।
ऑपरेशन सिंदूर नागरिक–सैन्य , रक्षा मंत्री ने कहा कि एक अच्छे अधिकारी को हर नागरिक, खासकर वंचित वर्गों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की और विश्वास जताया कि 2047 तक कई महिलाएँ शीर्ष प्रशासनिक पदों पर होंगी।
उन्होंने एलबीएसएनएए की प्रशिक्षण व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों—साहस, सरलता और सत्यनिष्ठा—को याद करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने शास्त्री जी और सरदार पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की और अकादमी परिसर में एक ओडीओपी मंडप का उद्घाटन भी किया।
