Padma Shri Dr. Budhri Tati
Padma Shri Dr. Budhri Tati
Share This Article

रायपुर, 22 जून 2026/ ETrendingIndia / “Padma Shri Dr. Budhri Tati: Contributed to tribal culture preservation and women’s empowerment, honored by Forest Minister Shri Kedar Kashyap.” छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के हीरानार गाँव की निवासी डॉ. बुधरी ताती (बड़ी दीदी) ने चार दशकों से अधिक समय तक वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करके जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आदिवासी उत्थान में अद्वितीय योगदान दिया है ।

उन्हें उनके इस ऐतिहासिक और निरूस्वार्थ समाज सेवा के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया है ।

     वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा जिले के ग्राम हीरानार स्थित मां शंखिनी महिला उत्थान केंद्र पहुंचकर डॉ. बुधरी ताती से मुलाकात की और उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया.

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत

          वनमंत्री ने कहा कि डॉ. बुधरी ताती का जीवन और कार्य नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका योगदान केवल बस्तर क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। 

प्रेरणादायी विभूतियों से संवाद का अभियान

         वनमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत समाज की प्रेरणादायी विभूतियों से संवाद कर उनके अनुभवों और विचारों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरणा मिल सके।

महिला स्वावलंबन गतिविधियों की सराहना

  वनमंत्री ने मां शंखिनी महिला उत्थान केंद्र की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। यह केन्द्र महिलाओं के प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, हस्तशिल्प, आजीविका संवर्धन तथा सामाजिक विकास गतिविधियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसका नाम दंतेवाड़ा की आराध्य देवी Maa Danteshwari Temple से जुड़ी लोकपरंपराओं में पूजित मां शंखिनी और यहाँ की प्रसिद्ध नदी के नाम पर रखा गया है।