Pandavani MahasammelanPandavani Mahasammelan
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रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/ ETrendingIndia / Pandavani Mahasammelan: Chief Minister said – Pandavani gave Chhattisgarh a distinct identity across the world / पंडवानी महासम्मेलन 2025 , अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक अहिवारा श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पिछड़ा एवं अन्य वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक साजा श्री ईश्वर साहू, राज्य तेल घानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभ चंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी शामिल हुई.

 समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को दुनिया भर में पहचान मिली है। दुनिया के हर कोने में हमारे पंडवानी कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। न्यूयार्क से लेकर पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित हमारे पंडवानी गायन को लोगों ने सुना और सराहा है।

पद्मश्री डा. उषा बारले जी हमारे बीच मौजूद हैं। उन्होंने अपने पंडवानी गायन के माध्यम से आप सभी का मनोरंजन किया होगा। आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। हाथ में तंबूरा लेकर जब वे अपनी रोचक प्रस्तुति देते थे तो दर्शक मंत्र मुग्ध हो जाते थे।

पंडवानी गायन में महिला कलाकारों को भी विशेष सफलता मिली है। मुझे विशेष रूप से स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी कलाकार हुई हैं जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों ही सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब तंबूरा लेकर वे आलाप भरती हैं तो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें जरूर सुनते होंगे।

उन्होंने बताया कि अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी मैंने सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में तीजन बाई के पंडवानी गायन के दृश्य अपार आनंद और उत्सुकता से भर देते हैं।

पंडवानी हमारी धरोहर है। पंडवानी महासम्मेलन का आयोजन कर आप लोगों ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ी तक इसे बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा कार्य किया है।

हम लोगों ने बचपन से रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कहानियां सुनी और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कहानियां सुनी। पीढ़ी दर पीढ़ी रामायण और महाभारत की कहानियां इन्हीं लोककलाकारों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचती रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी खास है कि इसमें महिला और पुरुष का भेद नहीं है अपितु तीजन बाई, डा. उषा बारले जैसे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से ऐसा महसूस कराया है कि पंडवानी गायन महिलाओं का ही क्षेत्र है। यह इन कलाकारों की कला की सफलता है। 

पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ समाज की तासीर भी पता चलती है। यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी बढ़चढ़कर है। उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है।

उन्होेंने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर जगह की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला -संस्कृति को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। हमने कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की है साथ ही कलाकारों को दिये जाने वाले अवसरों की संख्या भी बढ़ाई है।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को मजबूत करने का जतन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया तो इसके पीछे इस राज्य के तेजी से विकास की मंशा के साथ ही इसकी संस्कृति को सहेजने की मंशा भी थी।

आज जब यह सुंदर आयोजन देखने में आ रहा है तो मन में सुकून के भाव आते हैं कि अटल जी की मंशा पूरी हुई।

उन्होंने अवगत कराया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी। यह राज्योत्सव हमारी लोकसंस्कृति का उत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आगमन भी होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी से अनुरोध करते हुए कहा कि रजत जयंती समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कर हमारा मान बढ़ाएं।

‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं। ’मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ को पुनः शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा और गंगा स्नान का अवसर निःशुल्क दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। धरती उर्वरा शक्ति से भरपुर है। यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है।

डेढ़ साल में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरी युवाओं को दिए हैं। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रीय विधायक श्री कोर्सेवाड़ा की मांगों का जिक्र करते हुए नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं खोलने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय, मेड़ेसरा को आदर्श गांव बनाने के साथ ही समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रूपए और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

साथ ही कलाकारों को भरोसा दिलाया कि उनके सभी मांगों पर सरकार विचार कर आवश्यक पहल करेगी।


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