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रायपुर, 12 अगस्त 2026/ ETrendingIndia /  बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में प्रतिबंधित सामान मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। केंद्रीय अपराध शाखा की छापेमारी के दौरान रेवन्ना के बैरक से एक मोबाइल फोन, पेनड्राइव, चार्जर और डायरी बरामद की गई। मामले में रेवन्ना और एक अन्य कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया है। वहीं, जेल प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में एक सहायक अधीक्षक को निलंबित कर दिया है।


जेल एवं सुधार सेवा विभाग के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय अपराध शाखा ने मंगलवार को उच्च सुरक्षा वाली जेल में करीब पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उच्च सुरक्षा वाले कैदियों और अन्य बंदियों के बैरकों की जांच की गई। तलाशी के दौरान रेवन्ना के बैरक से नीले रंग का एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक पेनड्राइव, चार्जर और डायरी बरामद हुई।
अधिकारियों के अनुसार, जेल के भीतर मोबाइल फोन जैसे प्रतिबंधित उपकरण पहुंचना गंभीर सुरक्षा चूक है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये सामान जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इसमें किसी जेलकर्मी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।


आलोक कुमार ने बताया कि केंद्रीय अपराध शाखा ने परप्पना अग्रहारा थाने में प्रज्वल रेवन्ना और एक अन्य कैदी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जेल प्रशासन का कहना है कि तलाशी के दौरान अन्य कोई प्रतिबंधित वस्तु नहीं मिली है, लेकिन पूरे मामले की जांच जारी है।


घटना के बाद जेल के एक सहायक अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावशाली कैदियों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, छह अगस्त को भी जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया था, लेकिन उस समय रेवन्ना के पास से मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ था। इसके कुछ ही दिनों बाद केंद्रीय अपराध शाखा की दोबारा हुई तलाशी में प्रतिबंधित उपकरण मिलने से जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।


अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मोबाइल फोन और अन्य सामान जेल के अंदर कब और किस माध्यम से पहुंचा।
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के पोते और जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद हैं। वर्ष 2024 में उनके खिलाफ यौन शोषण और बलात्कार के आरोपों से जुड़े मामले सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। आरोपों से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच विशेष जांच दल ने की थी।


रेवन्ना अप्रैल 2024 में भारत से जर्मनी चले गए थे। बाद में वे भारत लौटे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने हासन सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।


एक बलात्कार मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। वह वर्तमान में इसी सजा के तहत परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बंद हैं।


उच्च सुरक्षा वाली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक पूर्व सांसद के पास मोबाइल फोन और पेनड्राइव मिलने से जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रतिबंधित उपकरण जेल में किस तरह पहुंचे और इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।


फिलहाल रेवन्ना के खिलाफ नया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, जबकि जेल प्रशासन ने भी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।


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