Share This Article रायपुर, 12 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / लाल सागर के संवेदनशील बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. इसी क्रम में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर एक भीषण डबल-टैप मिसाइल हमले का आरोप लगाया है, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है. यमन के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने खाद्य सामग्री ले जा रहे तिहामाह नामक छोटे मालवाहक जहाज पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. शुरुआत में इसके स्वामित्व को लेकर भ्रम था और इसे सऊदी अरब का जहाज बताया गया था, लेकिन मरीनट्रैफिक के आंकड़ों से साफ हुआ कि यह तंजानिया के ध्वज के तहत संचालित हो रहा था और इसका स्वामित्व मिस्र तथा यमन की पंजीकृत कंपनियों के पास है. इस हमले के कारण जहाज में भयंकर आग लग गई, जिससे चालक दल के चार सदस्यों (तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक) की मौत हो गई. इसके अतिरिक्त, चार अन्य नाविक और एक बचावकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि जब घटनास्थल पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया, तो हूती विद्रोहियों ने उसी जहाज पर दोबारा मिसाइल दाग दी. यमन सरकार ने इस दूसरे हमले को बचाव कर्मियों और जहाज पर मौजूद अन्य सभी लोगों के जीवन को जानबूझकर खतरे में डालने वाला आपराधिक कृत्य करार दिया है. बाद में यमन के तटरक्षक बल ने भी पुष्टि की कि इस समग्र हादसे में जान गंवाने वालों में दो बचावकर्मी भी शामिल थे. इस समुद्री संकट के साथ ही क्षेत्रीय मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है. हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की घोषणा की गई थी. इसी दौरान यमन के हूती विद्रोहियों ने जाजान स्थित अरामको रिफाइनरी को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया, जिससे वहां रविवार सुबह भीषण आग लग गई. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि यह कार्रवाई सादा और हज्जा प्रांतों पर सऊदी ड्रोन अभियानों के जवाब में की गई थी. हालांकि सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बाद में आग पर काबू पाने की पुष्टि कर दी है, लेकिन यरूशलम पोस्ट में प्रकाशित एक विश्लेषण के मुताबिक, इस बड़े हमले के बाद नवगठित मक्का गठबंधन की तरफ से कोई भी ठोस सैन्य प्रतिक्रिया या चेतावनी सामने नहीं आई है, जिसे इस नए रक्षा समझौते की पहली और विफल परीक्षा माना जा रहा है. Share This Article Post navigation इमरान खान की मौत की अफवाह से पाकिस्तान में हड़कंप…! PTI ने मांगा सबूत न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने जीता विश्वास मत, बने रहेंगे नेशनल पार्टी के नेता