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रायपुर, 25 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Project Dhadak: Parul, a little girl from Abhujmar, got a happy childhood/ प्रोजेक्ट धड़कन बाल हृदय उपचार , नारायणपुर जिले के दूरस्थ गांव ब्रेहबेड़ा की 2 साल की मासूम पारुल दुग्गा आज फिर से हंस-खेल रही है। कुछ समय पहले तक वह जल्दी थक जाती थी और सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी। परिवार उसकी सेहत को लेकर चिंतित था, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा था।

समय पर पहचान बनी जीवनरक्षक

कलेक्टर नम्रता जैन के नेतृत्व में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे “प्रोजेक्ट धड़कन” के तहत स्वास्थ्य टीम गांव-गांव जाकर बच्चों की जांच कर रही है। इसी दौरान पारुल की भी जांच हुई और उसके दिल में समस्या का पता चला।

इलाज से लौटी मुस्कान

जांच के बाद प्रशासन की मदद से पारुल को नया रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल भेजा गया। यहां डॉक्टरों ने जांच कर ऑपरेशन की सलाह दी। 10 अप्रैल 2026 को उसकी प्रशासन और चिकित्सालय के सहयोग से निःशुल्क सफल हृदय सर्जरी की गई।

अब स्वस्थ और खुश है पारुल

ऑपरेशन के बाद देखभाल से पारुल पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई है। अब वह खेल रही है और परिवार के लिए खुशी का कारण बन गई है।

उम्मीद की किरण बना प्रोजेक्ट

“प्रोजेक्ट धड़कन” के जरिए हजारों बच्चों की जांच हो रही है, जिससे गंभीर बीमारियों का समय पर इलाज संभव हो पा रहा है। यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है।