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रायपुर, 04 अक्टूबर 2026। Project Dhadkan : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जरूरतमंद परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में रायपुर जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रहा है। इसी पहल के तहत आरंग विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला परसठी में कक्षा तीसरी में पढ़ने वाले भार्गव बोस का सफल उपचार कराया गया।

सर्दी-खांसी की शिकायत से सामने आई गंभीर बीमारी

मजदूरी कर परिवार चलाने वाले भार्गव के माता-पिता के लिए उस समय मुश्किल बढ़ गई, जब उन्हें बेटे के दिल की गंभीर बीमारी के बारे में पता चला। स्कूल में आरबीएसके (चिरायु) टीम के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान भार्गव ने बार-बार सर्दी-खांसी की शिकायत बताई। वह अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में कमजोर भी दिखाई दे रहा था।

चिरायु टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे शिशु रोग विशेषज्ञ के पास भेजा। इसके बाद हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच की सलाह दी गई। सत्य साईं अस्पताल, नवा रायपुर में ईको जांच के बाद बीमारी की गंभीरता को देखते हुए भार्गव को एम्स रायपुर रेफर किया गया।

जांच में सामने आई हृदय की गंभीर समस्या

एम्स रायपुर में जांच के बाद चिकित्सकों ने भार्गव में टीएपीवीसी (टोटल एनोमलस पल्मोनरी वेनस कनेक्शन) की गंभीर समस्या की पुष्टि की। चिकित्सकों ने इसके लिए टीएपीवीसी रिपेयर सर्जरी को आवश्यक बताया।

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बेटे के इलाज का खर्च माता-पिता के लिए बड़ी चिंता थी। इसी दौरान प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ के माध्यम से उन्हें बच्चे का उपचार नि:शुल्क कराए जाने की जानकारी मिली, जिससे परिवार को उसके स्वस्थ भविष्य की उम्मीद मिली।

चार घंटे चली जटिल सर्जरी

एम्स रायपुर के सीवीटीएस विभाग के डॉ. जी. सौरभ, डॉ. स्नेहा जैन और उनकी टीम ने लगभग चार घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। उपचार के बाद भार्गव को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वह स्वस्थ जीवन जी रहा है।

बेटे को स्वस्थ देखकर माता-पिता की चिंता खुशी में बदल गई है। परिवार को उम्मीद है कि भार्गव अब नियमित रूप से स्कूल जा सकेगा, दोस्तों के साथ खेल सकेगा और सामान्य जीवन जीते हुए अपने भविष्य के सपनों को पूरा कर सकेगा।

परिवार ने जताया आभार

भार्गव के माता-पिता ने बेटे के सफल उपचार के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एम्स रायपुर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवार ने कहा कि प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ ने उनके बेटे को स्वस्थ जीवन देने के साथ पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है।

उपचार में इन टीमों का रहा महत्वपूर्ण योगदान

बच्चे के उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के निर्देशन में प्रोजेक्ट धड़कन की नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति नारायण, चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता सोनवानी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी अनंत, डीपीएम मनीष कुमार मैजरवार, कंसल्टेंट डॉ. रंजना गायकवाड़, बीपीएम दीपक मीरे सहित चिरायु टीम के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


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