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रायपुर,17 जुलाई / ETrendingIndia / “Bombay High Court strict on spitting and littering in public places… suggests increasing fine to 2500 rupees” सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और कूड़ा फेंकने की बढ़ती घटनाओं पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि शहर में हर जगह लोग थूक रहे हैं और यह मानो “राष्ट्रीय शौक” बन गया है।

कोर्ट ने मौजूदा 250 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर 2500 रुपये करने का सुझाव दिया, ताकि नियमों का प्रभावी पालन हो सके।

वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश

हाईकोर्ट ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे से कहा कि प्रत्येक वार्ड अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। यदि किसी क्षेत्र में कूड़ा जमा होता है या सफाई व्यवस्था खराब रहती है, तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होगा।

अदालत ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को भी कहा।

इंदौर से सीखने की सलाह

कोर्ट ने देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की प्रभावी वार्ड व्यवस्था और सख्त निगरानी से सफाई बनी रहती है। अदालत ने कहा कि मुंबई के पास संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत केवल दृढ़ इच्छाशक्ति और नियमों के सख्ती से पालन की है।

सार्वजनिक स्वच्छता पर जोर

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को सड़क, फुटपाथ या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने या गंदगी फैलाने का अधिकार नहीं है। बीएमसी को ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।