रायपुर,29 जून। ETrendingIndia / “Putin Ready for Talks with US on Ukraine Issue, Says Russia is Passing Through a Difficult Phase…”रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लंबे युद्ध के बाद अमेरिका के साथ अपने विरोधी यूक्रेन के सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को यूनाइटेड रूस पार्टी के सम्मेलन में यह बात कही और कहा कि वे अलास्का के एंकरेज में हुए समझौते की प्रक्रिया पर चर्चा जारी रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस इस समय कठिन और महत्वपूर्ण समय से गुजर रहा है।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, हम बातचीत और सभी विवरणों व तौर-तरीकों पर चर्चा जारी रखने के लिए तैयार हैं- भले ही कोई सहमति न बनी हो, लेकिन उन विषयों पर चर्चा करने को तैयार हैं जिन पर एंकरेज में बात हुई थी। उन्होंने कहा कि रूस अपने विरोधियों के प्रयासों के बावजूद अपनी रणनीतिक योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि रूस एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस अपने मूलभूत हितों की रक्षा करते हुए दृढ़ता से खड़ा है और अपने भविष्य, जीवन शैली, संप्रभु विचारधारा, नींव और जीवन सिद्धांतों के लिए लडऩे को तैयार है।
राष्ट्रपति ने कहा, रूस पश्चिमी अभिजात वर्ग के कठोर और अभूतपूर्व दबाव में है। वे हमें रणनीतिक रूप से पराजित करने या युद्ध के मैदान में जीत हासिल करने में असमर्थ रहे हैं, न ही वे राजनीतिक स्थिति को अस्थिर करने में सफल हो रहे हैं।
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश रूस को किसी भी तरह से हमें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन न तो कोई आज तक सफल हुआ है और न भविष्य में कोई सफल होगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम ने कीव के आतंकवादी हमलों को नजरअंदाज करना बेहतर समझा है और रूस पर नए, गैरकानूनी प्रतिबंध लगा रहा है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बाद भी रूस के पास पर्याप्त बल, साधन और राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
पुतिन ने सितंबर में होने वाले संसदीय स्टेट ड्यूमा के चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव निर्धारित समय पर और कानून का कड़ाई से पालन करते हुए आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने चुनाव में यूनाइटेड रूस पार्टी की सफलता की कामना की और कहा कि सत्ताधारी यूनाइटेड रूस पार्टी चुनाव में कई युवाओं को नामांकित करेगी, जो एक प्रतिभाशाली पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने विशेष सैन्य अभियान में भाग लेने वाले सैनिकों को रूस का सच्चा अभिजात वर्ग बताया।
