Stray dogs continue to terrorize Raipur
Stray dogs continue to terrorize Raipur
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रायपुर 18 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Stray dogs continue to terrorize Raipur; former mayor’s son bitten, citizens panicked / रायपुर में आवारा कुत्तों का आतंक , राजधानी रायपुर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। देर रात से लेकर दिन के उजाले तक शहर के कई इलाकों में कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला बुधवार दोपहर ब्राह्मणपारा–कंकालीपारा रोड का है, जहां पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के बेटे आर्य दुबे को कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया।

जानकारी के अनुसार, आर्य दुबे एमबीए का छात्र है। वह दोपहर करीब 1 बजे अपनी मां को नगर निगम परिसर स्थित एक क्लिनिक में छोड़ने स्कूटी से पहुंचा था। इसी दौरान परिसर के सामने सड़क किनारे बैठे चार आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने एड़ी के पास दांत गड़ा दिए, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसे बचाया।

पीड़ित का कहना है कि यह कुत्तों का झुंड अक्सर दोपहर और शाम के समय बाइक सवारों व राहगीरों को दौड़ाता है। आसपास की मांस-मटन दुकानों के कारण क्षेत्र में आक्रामक कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। सड़क पर घूम रहे आवारा कुत्तों पर किसी तरह का नियंत्रण नहीं होने से खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

इधर, जयस्तंभ चौक पाश कालोनियों सहित झुग्गी बस्तियों के इलाकों में भी रात के समय स्थिति भयावह बनी हुई है। पार्किंग एरिया में भी कुत्तों के झुंड सक्रिय रहते हैं, जिससे विशेषकर देर रात गुजरने वाले दोपहिया सवारों पर हमले की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। कई लोग पहले ही घायल हो चुके हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बावजूद शहर में आक्रामक कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित रखने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। नगर निगम द्वारा सोनडोंगरी में बनाए गए डॉग शेल्टर को चलाने की जिम्मेदारी जिस एनजीओ को सौंपी गई थी, उसका ठेका हाल ही में निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद पिछले एक महीने से कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया।

लगातार हो रही घटनाओं से नागरिकों में आक्रोश और भय दोनों बढ़ रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि नगर निगम और प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठाए, ताकि शहरवासियों को आवारा कुत्तों के आतंक से राहत मिल सके।